
CG Hoardings: राजनांदगाव के मनगटा वन चेतना केन्द्र में पर्यटकों की संया बढ़ते ही यहां नए-नए रिसॉर्ट खोले जा रहे हैं। नियमों को दरकिनार करते हुए रिसॉर्ट का संचालन हो रहा है। यहां सरकारी जमीन पर कब्जा करने के साथ ही नियम विरुद्ध बड़े अवैध होर्डिंग्स और बैनर, पोस्टर चस्पा किए गए हैं।
इस संबंध में पंचायतों से एनओसी तक नहीं ली गई है। वहीं शिकायत यह भी सामने आ रही है कि कुछ रिसॉर्ट संचालक किसानों को उनकी कृषि भूमि की ओर जाने से रोक रहे हैं। दरअसल रिसॉर्ट के आसपास किसानों की खेती की जमीन है। यहां तक गेट के पास चौकीदार भी बैठा दिया गया। जंगल के अंदर अभी भी किसानों की कृषि भूमि स्थापित है। लेकिन किसानों का आना-जाना भी बंद हो चुका है।
इसी जंगल में आदिवासियों का प्लॉट भी है। जबकि रिसॉर्ट क्षेत्र में खेती जमीन है। झूराडबरी के कुछ किसानों का रास्ता भी बंद हो चुका है। जबकि किसानों को खेती करने के लिए आने जाने रास्ता दिया जाना चाहिए। कई ऐसे दर्जनों रिसॉर्ट हैं जहां सागौन, तेंदू एवं अन्य फलदार वृक्ष स्थापित थे, जिसे रिसॉर्ट संचालकों के द्वारा बिना कोई परमिशन के कटाई कर दी गई है।
आज तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। यहां तक की रिसॉर्ट संचालकों द्वारा झूराडबरी डूबान वाली बांध की जमीन को भी बशा नहीं गया। इस क्षेत्र में वन चेतना केंद्र व रिसॉर्ट के नाम से जमीन कारोबारी एवं दलालों के द्वारा ब्लैक मनी को व्हाइट करने का यह क्षेत्र केन्द्र बन गया है। भूमाफियाओं के द्वारा किसानों की जमीन को सस्तेदर पर खरीदकर टुकड़ों में अवैध रूप से बेचा जा रहा है।
एसडीएम अतुल विश्वकर्मा का कहना है कि रिसॉर्ट संचालकों द्वारा अगर सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है तो संज्ञान में लिया जाएगा।
सचिव शिव कुमार का कहना है कि ग्राम पंचायत के द्वारा होर्डिंग्स लगाने के संबंध में कोई परमिशन या एनओसी नहीं दी गई है।
Published on:
23 May 2024 04:59 pm
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