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कोटरी को गांव के आवारा कुत्तों ने नोच लिया, जान बचाकर घर में छुपा, जब पता चला तब तक जा चुकी थी जान …

वन विभाग का रेस्क्यू नहीं आया काम

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Kotri was caught by stray dogs of the village, saved her life and hid in the house, when it was discovered she had lost her life.

कोटरी को गांव के आवारा कुत्तों ने नोच लिया, जान बचाकर घर में छुपा, जब पता चला तब तक जा चुकी थी जान ...

डोंगरगढ़. वन परिक्षेत्र उत्तर बोरतलाव अंतर्गत समीप ग्राम बरनाराकला में बुधवार की दोपहर जंगल से भटककर आये कोटरी को बरनाराकला ग्राम में कुत्तों ने नोच कर अपना शिकार बना दिया जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार जंगल से भटक कर आया कोटरी (छोटा हीरण) एक वन्यप्राणी शंकर राम मंडावी एवं खेदुराम के मकान में दुबक कर बैठ गया। जिसे गांव के जैव विविधता समिति के अध्यक्ष राजकुमार सिन्हा एवं सोनवाराम सिन्हा के द्वारा वन्यजीव कोटरी को अपने कब्जे में सुरक्षित रखा गया था जहां बीती रात उसकी मौत हो गई।

बताया जाता है कि ग्रामीणों द्वारा वनविभाग के वनरक्षक अविनाश साहू को फोन पर सूचना देकर मौक पर बुलाया। जहां वनविभाग की टीम ने पहुंचकर कोटरी को अपने सुपुर्द लिया। फिर उसका इलाज करना शुरू किया लेकिन तब तक कोटरी की जान जा चुकी थी। कोटरी जब जंगल से भटक कर आया तभी गांव के आवारा कुत्तों ने उसे नोच लिया था। कुत्तों से बचने के लिए कोटरी ने एक घर चुना जिसमें वह उनसे बचकर रह सके।

कोटरी का इलाज कराया किंतु उसकी मौत हो गई

वन परिक्षेत्र के आला अधिकारियों ने जख्मी कोटरी का इलाज भी कराना चाहा लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। जंगल से भटके हुए कोटरी को गांव के कुत्तों ने दौड़ाया जिससे घबराए कोटरी बुरी तरह घायल हो गया जहां परिक्षेत्र अधिकारी सहारे, विकास टेंभुरकर, डेहरा राम सिन्हा ने पंचनामा तैयार कर घायल कोटरी का ईलाज कराया किंतु रात में उसकी मौत हो गई।