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सेवा परमो धर्म: की भावना ही मूल उद्देश्य से नगर व क्षेत्र में २६ नर्सेस हैं दे रही सेवा

नर्स डे पर विशेष,चिकित्सा के क्षेत्र में परिचारिका या नर्स के बिना मरीजों का उपचार व सेवा संभव नहीं

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 Seva Parmo Dharma: The spirit of service is giving 26 nurses in the city and region with the basic purpose

नर्स डे पर विशेष,चिकित्सा के क्षेत्र में परिचारिका या नर्स के बिना मरीजों का उपचार व सेवा संभव नहीं

राजनांदगांव / डोंगरगांव. चिकित्सा के क्षेत्र में परिचारिका या नर्स के बिना मरीजों का उपचार व सेवा संभव नहीं है। उनके अनवरत 24 घंटे सेवाओं के लिए पत्रिका डोंगरगांव की ओर से इस आलेख के माध्यम से सम्मान देने का एक प्रयास किया है। सामान्य दिनों में हो या वर्तमान में कोरोना संक्रमण जैसी विपदा के समय डॉक्टरों के साथ-साथ अस्पतालों में परिचारिका या नर्स का अहम योगदान होता है। नर्स अस्पतालों में अपनी ड्यूटी के अलावा अपने परिवार का भी पूरी जिम्मेदारी से देखरेख करती हैं लेकिन उन्हें जो सम्मान दिया जाना चाहिए वह समान नहीं मिल पाता। बता दें कि दुनिया भर में प्रतिवर्ष 12 मई को नोबल नर्सिंग सेवा की शुरूआत करने वाली लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिवस को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं नर्स अपने मूल थीम सेवा धर्म को लेकर निरंतर कार्य करती है और यह दिवस नर्सांे के लिए एक प्रकार से समान है।

सभी वर्ग के मरीजों की देखभाल दक्षता व सावधानी से करती है
नर्स या सिस्टर्स की ड्यूटी अस्पतालों में डॉक्टरों से अधिक जिम्मदारी भरा होता है और वे अपनी पारिवारिक जिम्मदारियों व परेशानियों को दरकिनार कर विषम परिस्थितियों में के मध्य पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं देती है. आंतरिक रोगी विभाग में मरीजों की देखरेख में व चिकित्सक के नियंत्रण में उपचार सहित परिवार कल्याण के विभिन्न योजनोओं जिसमें नशबंदी, टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य के साथ-साथ ही बेड के चादर बदलने से लेकर मरीजों को निरंतर देखरेख के साथ दवाईयां देना और उनकी हर प्रकार से सहायता करना इनकी ड्यूटी में शामिल है. वे नवजात शिशु से लेकर वयोवृद्ध मरीजों की देखभाल काफी दक्षता व सावधानी के साथ करती है और इसके लिए उन्हे समान दिया जाना चाहिए. डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ नर्सिंग सिस्टर्स सहित अन्य नर्सों ने बताया कि हमें कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, किन्तु मरीजों की बीमारी से राहत दिलाने में कामयाब होते हैं तो हमें भी बहुत खुशी होती है।

क्षेत्र में 26 नर्सेस हैं दे रही हैं निरंतर सेवा
नगर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित क्षेत्र के कुल सात प्राथमिक स्वास्थ्य केन्दों में 26 स्टॉफ नर्स अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनमें एक नर्सिंग स्टाफ व एक स्टॉफ नर्स एनसीडी शामिल हैं। नगर के सीएचसी में 10 स्टॉफ नर्स पदस्थ हैं, जो रोस्टर के अनुसार अस्पताल की व्यवस्था तथा मरीजों की सेवा में अपना योगदान दे रही हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अर्जुनी, टप्पा, तुमड़ीबोड़, आसरा, खुज्जी, ब.चारभाठा व करमतरा में 2-2 स्टॉफ नर्सों की ड््यूटी है। साथ ही एएनएम भी नर्सिंग स्टॉफ के साथ पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य व अन्य जागरूकता कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता देते आ रही है।

क्या कहती हैं नर्सें
नर्सिंग सिस्टर सुलोचना रामटेके का कहना है कि डोंगरगांव अस्पताल सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी सातो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नर्सों की ड्यूटी से लेकर उनके कार्य का विभाजन मेरी जिम्मेदारी है, जिसमें सभी नर्स स्टॉफ का भरपूर सहयोग मिलता है। सीनियर नर्स पूनम निराला का कहना है कि मरीजों की भर्ती से लेकर उनके उपचार की व्यवस्था हमारे द्वारा की जाती है। अस्पताल में ज्यादातर नार्मल डिलवरी लिया जाता है स्वस्थ माता के साथ एक स्वस्थ बच्चा इस दुनिया में आता है तो हमें उनकी देखरेख में बहुत खुशी होती है। वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण को देखते हुए हमें सुरक्षा किट सहित अन्य सुरक्षा के साधन दिए जाने चाहिए। वहीं जूनियर नर्स सुमन सेन का कहना है कि नर्सिंग एक ऐसा पेशा है जिसमें काम करके अच्छा अनुभव होता है और मरीज के स्वस्थ होने से हमें भी खुशी होती है। हम लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।