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नल-जल योजना ठप, पेयजल के लिए महिलाओं को निकलना पड़ रहा है घर से बाहर

ग्राम जोंधरा में कोरोना संकट के बाद स्थिति गंभीर

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Tap-water scheme stalled, women have to go out of the house for drinking water

ग्राम जोंधरा में कोरोना संकट के बाद स्थिति गंभीर

राजनांदगांव / जोंधरा. छुरिया विकासखंड के आश्रित ग्राम जोंधरा में पिछले तीन सालों से नल जल योजना पूरी तरह से बंद है। विदित हो पिछले २० सालों से जोंधरा में नल जल योजना का संचालन बड़ी कुशलता से किया जा रहा था, पर पूर्व सरपंच रही राधामणि भाराद्वाज ने बोर में पानी की किल्लत होने की बात कहकर सभी ग्रामीणों के नल कनेक्शन कटवा दिए, फिर उनके कार्यकाल २०२० तक उन्हें जोडऩे की दिशा में कोई प्रयास नही किया गया और ना ही उनके द्वारा कोई नया बोर करके नल कनेक्शन को जोडऩे का प्रयास किया गया। जिसके चलते ग्रामीण पेयजल के लिए पिछले तीन सालों से गांवों में पूर्व से ही स्थित हैंडपंपों व कँुओं पर ही निर्भर हो गए। आज जब कोरोना का संकट सामने में खड़ा है तब भी इस गंभीर स्थिति में घर की महिलाओं को सुबह, दोपहर, शाम खुले में पानी भरते देखा जा सकता है।

नए सरपंच के लिए चुनौती
नोबल कोरोना वायरस जब से राष्ट्रीय आपदा के रूप में सामने आया है, उसके बाद से किस तरह ग्रामीणों को अधिक से अधिक समय तक घर के अंदर रहने नसीहत दे सकते है? वहीं उन्हें पूर्व में चल रहे नल जल योजना को पुन: कार्यन्वित करने की जरूरत है ताकि ग्रामीण महिलाओं को इस आपदा की स्थिति में उन्हें पुन: बाहर निकलने की जरूरत ना पड़े, साथ ही वो शौचालय का भी उपयोग पूरी तरह से कर सके।

महंगे दामों में बेचे जा रहे सामान
अछोली. एक ओर नोबल कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जहां पूरे राज्य में लॉक डाउन किया गया तथा लोगों को घर से बाहर नही निकलने की हिदायत दी गई है, तथा किराना दुकानों एवं अन्य आवश्यक दुकानें सुबह 7 से शाम 5 बजे तक खुलने के समय दिए जाने के बाद ग्रामीण अंचलों में सब्जी कोचिया एवं किराना दुकान व्यवसायी महंगे दामों में सामान बेच रहे हंै। जहां दूसरे गांव से सब्जी लेकर फेरी लगाकर बेचने वाले सब्जी कोचिया आलू 30-40 रूपये किलो, टमाटर 30 से 35 किलो, प्याज 60 से 80, नारियल 20 रूपए नग, भाटा 40 से 50 रूपए किलो बेच रहे है। लोगों को मजबूरी में खरीदना भी पड़ रहा हैै।