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दस गुना मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने की मांग

रेलवे कॉरीडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला
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राजनंदगांव

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Nakul Ram Sinha

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Updated: 27 May 2018, 11:21 AM IST

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दस गुना मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने की मांग

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ अछोली से कटघोरा तक बिछायी जाने वाली 286 किमी नई रेल लाइन के सर्वे के बाद ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम के नाम तहसीलदार माधोराम साहू को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञात हो कि तीसरी रेलवे लाइन बिलासपुर से नागपुर एवं नई रेल लाइन डोंगरगढ़ से कवर्धा, उसलापुर, कटघोरा, रेलवे लाइन के लिए सर्वे किया गया है, जिसमें किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है, उन सभी किसानों के परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी तथा दस गुना मुआवजा राशि देने की मांग उठ रही है। नहीं तो जिन किसानों की कृषि भूमि अर्जित की जा रही है, उस सर्वे को अविलंब रोका जाए।

जिन किसानों की भूमि एक एकड़ या उससे कम अर्जित की गई है उन सभी किसानों को दस गुना मुआवजा तथा उनके परिवार के एक सदस्य को रेल विभाग में नौकरी दी जाए। ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होने पर योजना एवं सर्वे कार्य का विरोध किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। प्रभावित किसानों ने प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, जीएम रेलवे, डीआरएम तथा कलक्टर को भी रजिस्टर्ड डाक से भेजी है।

ज्ञात हो कि पटवारी प्रकाश साहू, कोटवार सुखसागर खेतिहर जमीन का चिन्हांकन करने पहुंचे। इस दौरान किसानों ने सर्वे करने आए अधिकारियों से गाइड-लाइन की जानकारी मांगी, जिस पर अधिकारियों ने दो-टूक जवाब देते हुए कहा था कि हमारा काम सिर्फ सर्वे करना है। आगे एसडीएम व कलेक्टर जानेंगे। अधिकारियों के इस जवाब से किसानों ने संगठित होकर खेतीभूमि के एवज में दस गुना मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी की मांग करने लगे थे तथा जिन किसानों के खेती का एक टुकडा रेललाईन की परिधी में आ रहा है, उन्हें भी रेल्वे में नौकरी देने की मांग की जा रही है। यहां सर्वे के दौरान किसानों में आक्रोश देखा गया कि अपने जीविकोपार्जन के साधन को रेल्वे के हथियाने से पीडि़त किसान परिवार कैसे पालन करेंगे। जहां यह रेल्वे लाइन अछोली, धुसेेरा, बेलगांव, कोलेन्द्रा, बिजनापुर, छपारा, प्रकाशपुर होते हुए जाएगी।

कोर्ट मेें जाने के लिए एकजुट हो रहे किसान
ज्ञापन सौंपने गए किसान नंदकुमार साहू, संजय कुमार, अजय, नागेश, विवेकदास, नैनकुमार जनबंधु, विश्वासबाई, चोवादास, दुखहरण कंवर, बुधराम, टीकमदास, झुमुकदास, घनश्याम, सेवकराम, वासू, इंदल, नकुल, अनिल कुमार, चैनदास, पूनाराम, वीणा साहू, सरश्वती, ओमप्रकाश, शीतल, रामबती, मारूति कोचे, निर्मल, पंचराम, गन्नूदास, कचरू साहू, श्रीनिवास, रमेश आदि शामिल रहे। ज्ञात हो कि १० मई को रेल्वे के इंजीनियर तथा पटवारी प्रकाश साहू ने किसानों के जमीन का चिन्हांकन कर नाप किया था। वहीं जिन किसानों की जमीन रेल्वे लाइन में आ रही है, उन्होंने जमीन के दस गुना मुआवजे के साथ ही परिवार के एक सदस्य को रेल्वे में नौकरी देने की मांग की थी। यही नहीं आश्यकता पड़े तो भानुप्रतापपुर की तर्ज पर न्यायालय की शरण में जाने के लिए किसान एकजुट हो गए हैं।

२६ रेलवे स्टेशन होंगे
ज्ञात हो कि इस 286 किमी बनने वाले मार्ग पर 26 रेल्वे स्टेशन होंगे। इसके लिए 464 पन्नों की सर्वे रिपोर्ट रेल्वे ने तैयार कर ली है, जिसमें प्रमुख रेल्वे स्टेशन डोंगरगढ़, बेलगांव, घोंघेडबरी, प्रकाशपुर, खैरागढ़, छुईखदान, मुराई, गंडई, जंगलपुर, धनगांव, धनेली, कवर्धा, बोरदुली, सोमनापुर, कंवलपुर, पुनई, मुंगेली, कोसमा, तखतपुर, खमरिया, गनियारी, लामेर, रतनपुर, नेवसा, बेलतरा, करतला, जमानीमुडा, कटघोरा होंगे।