
बेमौसम बारिश ने बिगाड़ा अन्नदाताओं का गणित, अब राहत की उम्मीद
राजनांदगांव. बेमौसम बारिश से दलहन-तिलहन फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। दलहन-तिलहन की खेती करने वाले जिले के किसान लगातार अपनी बर्बाद हुए फसल को लेकर कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचकर बीमा और क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को भी डोंगरगढ़ क्षेत्र के ग्राम कोलेंद्रा व मेढ़ा के किसान बारिश से बर्बाद हुए चने की फसल लेकर जिला कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द राहत दिलाने की मांग रखी है।
राजस्व विभाग द्वारा फसल के नुकसान का रिपोर्ट बनाने में लापरवाही बरती गई है। आरबीसी चार छह के तहत नुकसान का आंकलन किया गया होता तो सभी किसानों को बीमा क्लेम की राशि मिल पाती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। हालांकि कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि राजस्व विभाग के आंकलन रिपोर्ट के आधार पर इंश्योरेंश कंपनी सर्वे करा रही है। इसके बाद पात्र किसानों के खाते में बीमा राशि जमा कराई जाएगी। जिलेभर में ३० हजार से अधिक किसानों का दलहन-तिलहन फसल खराब हो चुका है। इसमें ज्यादा प्रभावित खैरागढ़ के किसान हुए हैं।
बारिश के साथ पड़े ओले
दक्षिण बिहार के ऊपर बने साइक्लोनिक सरकुलेशन और द्रोणिका के असर से सोमवार शाम से रातभर रूक-रूककर अच्छी बारिश हुई। हल्की गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चली, तो जिले के कुछ जगहों पर ओले भी पड़े हैं। मंगलवार सुबह आसमान में छाए बादल कुछ देर बाद छंट गए। मौसम विभाग की माने तो बुधवार को हल्की बदली रहने की उम्मीद है। कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग के वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि दक्षिण बिहार के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन 1.5 किलोमीटर पर स्थित है तथा यहां से एक द्रोणिका छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक गई है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के उत्तर पूर्व के जिलों मे हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। शेष जिलों में एक दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
प्रभारी कृषि अधिकारी टीकम ठाकुर ने बताया कि राजस्व की आंकलन रिपोर्ट के आधार पर इंश्योरेंश कंपनी सर्वे करा रही है। उसके बाद किसानों के खाते में राशि भेजी जाएगी।
Published on:
25 Feb 2020 08:01 pm
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