
फोटो सोर्स: पत्रिका
राजस्थान के राजसमंद जिले में 79 हजार से अधिक परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं तो नियमित रूप से ले रहे हैं, लेकिन 450 रुपए में मिलने वाला गैस सिलेण्डर का लाभ नहीं उठा रहे हैं। इसका खुलासा एलपीजी आईडी मैपिंग में हुआ है। हालांकि इनमें अधिकांश उपभोक्ता आदिवासी क्षेत्र के होने के कारण उनके पास गैस कनेक्शन नहीं होने अथवा अन्य कारण माना जा रहा है।
सरकार ने खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों को गैस सब्सिडी के लिए चयनित राशन कार्ड धारियों के सभी सदस्यों की ईकेवाइसी करवाने के साथ ही एलपीडी आईडी मैपिंग करवाना अनिवार्य किया था। इसके तहत संबंधित उपभोक्ताओं ने जिस एजेंसी से कनेक्शन ले रखा है। वहीं पर ईकेवाईसी करवाई गई। इसके लिए 31 मार्च निर्धारित की गई थी।
इसमें अब तक जिले में 63.52 प्रतिशत ने ईकेवाईसी करवाई है। इससे यह बात साफ हो गई है कि जिले में खाद्य सुरक्षा के तहत गेहूं अधिकांश परिवार उठा रहे हैं, लेकिन सब्सिडी वाले गैस सिलेण्डर का लाभ नहीं ले रहे हैं। हालांकि विभाग भी इसके कारणों को ढूंढने में लगा है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने बजट घोषणा में खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों को गैस पर सब्सिडी देने की घोषणा की थी।
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सरकार ने पिछले साल 450 रुपए में गैस सिलेण्डर देने की घोषणा की थी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा के सभी लाभार्थियों के राशन कार्ड में शामिल सभी लोगों की एलपीजी आईडी मैपिंग (ईकेवाईसी) करवाना आवश्यक किया गया। इसके तहत 31 मार्च तक सभी गैस एजेंसी पर आईडीमैपिंग की गई। सरकार की मंशा है कि वास्तविक लोगों तक योजना का फायदा पहुंचे। जिले में 79 हजार लोग ऐसे हैं, जिन्होंने एलपीजी आईडी मैपिंग नहीं करवाई है।
विभाग अभियान चलाकर इन्हें जोड़ने का करेगा प्रयास
जिले में अभी भी कई लोगों ने एलपीजी आईडी मैपिंग नहीं कराई है। इसके लिए राशन डीलरों के सहयोग से अभियान चलाया जाएगा। शेष रहे नामों की ईकेवाईसी करवाने का प्रयास किया जाएगा। ईकेवाईसी नहीं कराने के कारणों के बारे में भी जानकारी की जाएगी।
Updated on:
18 Apr 2025 05:24 pm
Published on:
18 Apr 2025 05:22 pm

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