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Astrology : निवेश नवीन खरीद यात्रा प्रवास एवं शुभ कार्यों का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त गुरु पुष्य

- गुरु पुष्य शुभ नामक योग आज, माता लक्ष्मीजी एवं श्रीहरि की आराधना का दिन

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Astrology : निवेश नवीन खरीद यात्रा प्रवास एवं शुभ कार्यों का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त गुरु पुष्य

Astrology : निवेश नवीन खरीद यात्रा प्रवास एवं शुभ कार्यों का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त गुरु पुष्य

कुंवारिया.गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग होने से शुभ नामक योग बनता है, यह योग अनेक शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना गया है । 28 जुलाई प्रात: 7 बजे से दूसरे दिन प्रात: 9 बजकर 42 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। विभिन्न निवेश, रत्न, धातु, भूमि, भवन इत्यादि खरीद के लिए श्रेष्ठ रहेगा।
ज्योतिर्विद भरत खण्डेलवाल ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र सर्वाधिक बलवान माना गया है । वर्ष में यह डेढ़ से दो दिन तक ही आता है। इस वर्ष यह 28 जुलाई को दिन भर तथा 25 अगस्त को आधे दिन ही रहेगा । इसके संयोग का लाभ उठाकर यात्रा, प्रवास, नवीन कारोबार, व्यवसाय, रत्न, धातु, वस्त्र क्रय करना आदि शुभ कार्य करने से श्रेष्ठ प्रतिफल प्राप्त होते हैं। पुष्य नक्षत्र का स्वामी देव गुरु बृहस्पति होने से इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है । गुरु पुष्य में शुभारंभ किए गए कार्यों में सफलताएं अवश्यमेव प्राप्त होती हैं।

बलवान योगों का श्रेणी क्रम
प्रथम- रविवार पुष्य नक्षत्र से श्रीवत्स योग।
द्वितीय- गुरुवार पुष्य नक्षत्र से शुभ योग।
तृतीय- मंगलवार पुष्य नक्षत्र से प्रबंध योग।
चतुर्थ- शनिवार पुष्य नक्षत्र से मित्र योग।
पंचम- सोमवार पुष्य नक्षत्र धाता योग।
षष्ठ- बुधवार पुष्य नक्षत्र मातंग योग
सप्त- शुक्रवार पुष्य नक्षत्र उत्पात योग।
ये कार्य नहीं होंगे
पुष्य नक्षत्र को श्राप प्राप्त होने के कारण संबंध सगाई, रुकाई, वर-कन्या देखना, विवाह एवं वैवाहिक खरीद, वस्त्र, राशन, गहने इत्यादि कार्य नहीं होते हैं। ये सभी कार्य पुष्य नक्षत्र में निष्फल होते हैं।
माता लक्ष्मीजी एवं श्रीहरि की आराधना का दिन
इस दिन माता लक्ष्मी एवं श्रीहरि की पूजा उपासना एवं आराधना करके शुभ फलों की प्राप्ति होती है । इस दिन धूप, दीप, नैवेद्य, खीर का भोग लगाकर श्रीहरि एवं माता लक्ष्मी का पूजन आराधना करें। वस्त्र, खीर, बूंदी के लड्डू का दान करें। अक्षय पुण्यदाई हरियाली अमावस्या व गुरु पुष्य का लाभ उठाएं।