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नहीं आया बेजुबानों पर तरस: घोड़ों के मुंह से निकल रहा था खून, फिर भी नचाते रहे

गणगौर महोत्सव की शोभायात्रा में शामिल ऊंट-घोड़े इसकी शोभा बढ़ाते हैं, लेकिन गुरुवार को निकली चूंदड़ी गणगौर की सवारी में घोड़ों के प्रति बेरहमी भी दिखी।

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राजसमंद। गणगौर महोत्सव की शोभायात्रा में शामिल ऊंट-घोड़े इसकी शोभा बढ़ाते हैं, लेकिन गुरुवार को निकली चूंदड़ी गणगौर की सवारी में घोड़ों के प्रति बेरहमी भी दिखी। घंटों की थका देने वाली शोभायात्रा में इन बेजुबानों पर तरस दिखाने वाला कोई नहीं था।

शोभायात्रा में शामिल दो घोड़ों के मुंह में कसी लगाम के कारण जबड़े छिल जाने से रक्त बह रहा था। शोभायात्रा की चमक-दमक में किसी को भी इनकी पीड़ा नहीं दिखाई दी। इन दो घोड़ों को कुछ लोग द्रवित भी हुए, लेकिन ढोल-ढमाके और शोर-शराबे के बीच किसी ने ध्यान नहीं दिया।

यहां तक कि घोड़ा मालिक भी घोड़ों को नचाए जा रहे थे। घोड़ों को केवल ढोल-नंगाड़ों व गीतों पर नचाया जाता रहा और पूरी सवारी के दौरान दो अश्वों के मुंह छिलने से घाव से खून बहता रहा। अश्वपालक ने भी घोड़े की इस पीड़ा को नजर अंदाज किया और अश्व करतब दिखाने के लिए मजबूर किए जाते रहे।

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