
नगर परिषद में खड़े कचरा संग्रहण करने वाले ऑटो ट्रीपर
राजसमंद. नगर परिषद क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले ठेकेदार पर मेहरबान है। नगर परिषद की ओर से जिन शर्तो के आधार पर ठेका दिया गया था, उसमें से अभी तक कई शर्ते पूरी नहीं की है। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन सिर्फ संबंधित फर्म के खिलाफ जुर्माना लगाकर इतिश्री कर रहा है। नगर परिषद की ओर से पिछले साल अक्टूबर माह में प्रतापगढ़ की सृजन सेवा संस्थान फर्म को घर-घर कचरा संग्रहण करने का ठेका दिया था। करीब 120 लाख रुपए सालाना इस पर खर्च होगा। इसके तहत घरों के बाहर आरएफआईडी मशीन लगाने, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम डवल्प करने, गीला-सूखा कचरा अलग करने, आईईसी एक्टिविटी करवाए जाना शर्तो में शामिल है। इसके बावजूद ठेकेदार फर्म इसमें से बामुश्किल एक-दो शर्ते भी बामुश्किल पूरी हो रही है। इन सबके बावजूद नगर परिषद की ओर से इन शर्तो को पूरा कराने के स्थान पर सिर्फ जुर्माना लगाकर इतिश्री की जा रही है। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं होने के कारण घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले ऑटो ट्रीपर भी मनमानी करते हैं। ऐसे में संबंधित ठेकेदार फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।
जानकारों के अनुसार आरएफआईडी रेडियो फ्रीकवेंसी आइडिफिकेशन डिवाइस होती है। इसे घरों के बाहर लगाया जाना है। इससे कचरा संग्रहण करने के बाद कार्ड को टच करना पड़ता है इससे ऑनलाइन डाटा सर्वर में पहुंच जाता है। इससे मॉनिटरिंग करने में आसानी होती है। ठेकेदार फर्म की ओर से अभी तक नहीं लगाया गया है।
नगर परिषद क्षेत्र में ठेकेदार फर्म की ओर से 16 ऑटो ट्रीपर से कचरा संग्रहण किया जा रहा है। इसमें ठेकेदार फर्म के छह ऑटो एवं एक कचरा एकत्र करने वाली बाइक शामिल है, जबकि नगर परिषद के दस ऑटो किराए पर ले रखे हैं। हालांकि नगर परिषद को ठेकेदार फर्म की ओर से प्रतिमाह 1.60 रुपए इसके बदले चुकाए जा रहे हैं। नगर परिषद क्षेत्र में प्रतिदिन 15 से 20 टन के बीच कचरा संग्रहण हो रहा है।
नगर परिषद के जानकारों के अनुसार ठेकेदार फर्म की ओर से प्रतिमाह 77 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जा रहा है। इसमें आरएफआईडी मशीन नहीं लगाने, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं लगाने, गीला-सूखा कचरा संग्रहण करने के लिए लोगों को प्रेरित नहीं करने और जनजागरूकता आदि कार्यक्रम नहीं किए जाने के कारण जुर्माना नगर परिषद की ओर से प्रतिमाह कचरे के बदले किए जाने वाले भुगतान में से काटा जा रहा है।
नगर परिषद की ओर से जुर्माना आदि तो लगाया जा रहा है। आरएफआईडी लगाने सहित अन्य कार्य कब तक किए जाएंगे इसकी जानकारी मुझे नहीं है। बॉस से बात करके ही कुछ बता पाऊंगा।
नगर परिषद क्षेत्र में ठेकेदार फर्म की ओर से आरएफआईडी लगाने सहित अन्य कार्य नहीं किए हैं। फर्म को नोटिस दिया जा चुका है, पेनल्टी लगाई जा रही है। सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Updated on:
12 Jun 2024 11:27 am
Published on:
12 Jun 2024 11:22 am
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