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people protest : ‘सरकार आमजन को भ्रमित न करें, जल्द बनवाएं नया पुल’, एमड़ी-भाटोली बनास नदी पुल पर दीवार चुनाई का लोगों ने किया विरोध

दोनों तरफ से कई वाहनों के टकरा गए और कई लोग भी चोटिल हो गए हैं।

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राजसमंद. बारिश से क्षतिग्रस्त पुल का नवनिर्माण की बजाय दो दीवारों की चुनाई करवाने का क्षेत्रीय लोगों ने विरोध जताते हुए जल्द नया पुल बनवाने की मांग उठाई। लोग खुलकर बोले कि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सडक़ पर बनाई गई दीवारें जानलेवा हो गई, जहां रात के वक्त रोज हादसे हो रहे हैं। दोनों तरफ से कई वाहनों के टकरा गए और कई लोग भी चोटिल हो गए हैं।
पुल का निर्माण किया जाए
&बनास नदी पर बड़ा पुल बनाने की जरूरत है। हर वर्ष नदी में पानी का वेग बढऩे पर आवाजाही बंद हो जाती है, जिसकी वजह से लोगों को राजसमंद आने के लिए नाथद्वारा होकर हाइवे के जरिये आना पड़ता है।
लोकेश देराश्री, भाटोली
रोज हो रही दुर्घटनाएं
&पहले क्षतिग्रस्त पुल पर तो इतने हादसे नहीं हो रहे थे, मगर अब दो दीवारें चुनने के बाद तो रोज कोई न कोई व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त हो ही रहा है।
छगन गाडरी,
अमलोई
विभाग ने क्यों की खानापूर्ति
&अत्यधिक बारिश से क्षतिग्रस्त पुल मरम्मत के लिए अतिवृष्टि का अतिरिक्त बजट भी आया। फिर भी प्रशासन, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता की वजह से अब तक पुल नहीं बन पाया। विभाग ने दीवारें चुन कर ऐसी खानापूर्ति क्यों की है।
मदन पूर्बिया,
नांदोली
यह जानलेवा हो गई दीवारें
&क्षतिग्रस्त पुल पर बनाई गई दीवारें जानलेवा बन गई है। विभाग द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से दीवारें बनाना बताया जा रहा है, मगर खोखली सडक़ को तोड़ कर मिट्टी का भराव कर दिया होता, तो हादसे नहीं होते।
लक्ष्मीलाल लौहार, एमड़ी
विभाग की मनमानी
&सार्वजनिक निर्माण विभाग ने समस्या का समाधान करने की बजाय मनमानी से दीवारें चुन दी, जो किसी भी परिस्थिति उचित नहीं है। क्षेत्र के लोग तो फिर भी सजग हो गए, मगर राजसमंद से रेलमगरा का मुख्य मार्ग होने से कई अनजान लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
नरेन्द्र त्यागी, नांदोली
राजनीति कारणों से खानापूर्ति
&बारिश से क्षतिग्रस्त बनास नदी पुल का निर्माण सिर्फ राजनीति कारणों की वजह से नहीं किया जा रहा है। लोगों की समस्या का समाधान करने की बजाय प्रशासन व विभाग द्वारा खानापूर्ति कर दी गई। नारायण लाल कुमावत, भाटोली
जनप्रतिनिधि क्यों
है उदासीन
&राजसमंद- रेलमगरा का मुख्य रास्ते के क्षतिग्रस्त पुल को लेकर पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के सभी जनप्रतिनिधि भी क्यों मौन है। क्या उन्हें यह समस्या नहीं दिखती। सरपंच से लेकर पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों तक की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
किशन गाडरी,
नांदोली