
Krashi vibhag
राजसमंद. राजसमंद जिले में सोमवार को खेत-खलिहानों के विकास को कंधों पर ढोने वाले कृषि पर्यवेक्षक खुद अपनी समस्याओं के बोझ से हलकान होकर सड़कों पर उतर आए। वर्षों से वेतन विसंगति और पदोन्नति जैसे मुद्दों में उलझे पर्यवेक्षकों ने इस बार साफ कह दिया -अब और नहीं!
कृषि पर्यवेक्षक समन्वय समिति, राजसमंद के बैनर तले जिलेभर से आए पर्यवेक्षकों ने सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना दिया। किसी ने हाथ में बैनर थामा था, तो कोई अपनी पीड़ा पोस्टर पर लिखकर लाया था। नारों के बीच साफ संदेश-मांग पूरी करो, वरना आंदोलन और तेज होगा!
धरने में जिलेभर से आए वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी और समिति पदाधिकारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। मथुरालाल कुमावत, सोहन प्रकाश कुमावत, मनोहर शंकर आचार्य, लोभ चंद्र लोहार, मीना रेगर, पूरणमल कुमावत, फतह लाल कुमावत, माया तेली, ललिता, सुमन पलिया, मनीष कुमार, पंकज लोकेश मीणा, फोरूलाल मीणा सहित बड़ी संख्या में कृषि प्रहरी धरना स्थल पर डटे रहे।
धरना खत्म होने के बाद समिति प्रतिनिधियों ने सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। साथ ही दो टूक चेतावनी दी —
सवाल बड़ा सीधा है जो पर्यवेक्षक किसानों को नई तकनीक, नई बीज योजना, उन्नत खेती और सरकार की योजनाओं से जोड़ते हैं, उनके लिए कब तक बेसिक भत्तों, वेतन और पदोन्नति का इंतजार रहेगा?, धरना स्थल पर उठी यह आवाज अब कागजों में नहीं दबनी चाहिए - यही मांग है खेतों के सिपाहियों की!
Updated on:
16 Jul 2025 02:41 pm
Published on:
16 Jul 2025 02:40 pm
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