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दो साल से वीरान फूड कोर्ट, अब किराया नीलामी से दशा बदलने की तैयारी

नाथद्वारा नगरपालिका द्वारा एक करोड़ की लागत से बनाया गया फूडकोर्ट पिछले दो वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ा था, लेकिन अब किराया निलामी से इसकी दशा सुधरने की उम्मीद है।

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Food Court

राजसमंद. नाथद्वारा नगरपालिका द्वारा एक करोड़ की लागत से बनाया गया फूडकोर्ट पिछले दो वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ा था, लेकिन अब किराया निलामी से इसकी दशा सुधरने की उम्मीद है। पालिका ने फूडकोर्ट को संचालित करने के लिए किराया नीलामी की है, जिसकी बोली 17 लाख 70 हजार रुपए में छूटी है। अनुमत फर्म को जीएसटी सहित 21 लाख रुपए पालिका में जमा कराने होंगे।

पालिका ने पहले भी इस फूडकोर्ट को स्ट्रीट वेंडर्स को देने की योजना बनाई थी, ताकि स्थानीय छोटे व्यापारियों को स्थाई जगह मिले। साथ ही शहरवासियों व पर्यटकों को भी स्वच्छ और सुव्यवस्थित खानपान की सुविधा मिल सके, लेकिन तब योजना कारगर नहीं रही थी। फूडकोर्ट लंबे समय से वीरान पड़ा रहा है। अब किराया निलामी होने से वीरान पड़े फूड कोर्ट में चहल-पहल शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि फूड कोर्ट जिस उद्देश्य से और जब से बना है, तब से अभी तक एक दिन के लिए भी उपयोग में नहीं आया है। फूड कोर्ट परिसर वीरान होने के कारण शराबियों का अड्डा बनकर रह गया था।

किराए पर दिया जाए, ताकि हो आय

नगरपालिका ने हाल ही के महीनों में ये तय किया था कि फूडकोर्ट को किराये पर देकर चालू किया जाए, ताकि आय हो सके। पालिका ने अपनी संपत्ति किराये पर देने के लिए बाकायदा ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाकर ई-निलामी आमंत्रित की थी। निलामी आरंभ होने व अमानत राशि जमा कराने की तारीख 25 फरवरी थी, जबकि न्यूनतम सरकारी बोली पांच लाख 60 हजार रुपए रखी थी। अमानत राशि जमा करवाने की अंतिम तारीख 6 मार्च दोपहर 3 बजे तक और निलामी बोली की अंतिम तारीख 7 मार्च दोपहर साढ़े बारह बजे तक रखी गई थी। निलामी सफल होने पर अब उम्मीद की जा रही है कि न केवल फूडकोर्ट की हालत सुधरेगी और वीरानी खत्म होगी, बल्कि शहरवासियों को भी एक ही जगह पर स्ट्रीट फूड जैसी खानपान की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नगर पालिका ने बताया कि नीलामी से फूडकोर्ट में व्यावसायिक गतिविधियां तेज होंगी तो शहर के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

त्रिनेत्र सर्किल के पास हैं फूड कोर्ट

पालिका के स्वामित्व का यह फूड कोर्ट शहर में 120 फीट रोड स्थित त्रिनेत्र सर्किल के पास स्थित है। एक करोड की लागत से 6 हजार 943 स्क्वायर फीट जमीन पर सौंदर्यीकरण कर फूड कोर्ट बनाया गया था। करीब तीन वर्ष पूर्व बनकर तैयार हुए फूड कोर्ट में परिसर में सीसी चौक, पार्किंग, सीसी सड़क और चारदीवारी से सुरक्षित है। कुछ हाइमास्क तो कई छोटी-छोटी लाइटें भी परिसर को रोशनी से जगमगाने के लिए लगाई गई हैं। फूड कोर्ट में टॉयलेट, आई लव माय नाथद्वारा के लोगो जैसे सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। फूड कोर्ट में करीब सौ दुकानदार व्यवसाय कर सकते हैं।

बस स्टैंड के बाद अब फूड कोर्ट, दोनों से 46 लाख सालाना आय

पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने बताया कि बीते शुक्रवार को बोली की अंतिम तिथि थी, जिस पर महादेव हॉस्पिटेलिटी ने 17 लाख 70 हजार रुपए की सर्वाधिक बोली लगाई और फूड कोर्ट अपने नाम कराया। जीएसटी सहित लगभग 21 लाख रुपए की पालिका को आय होगी। किराया प्रत्येक साल 10 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। पालिका ने कुछ दिनों पहले ही मॉडल बस स्टैंड के ग्राउंड और प्रथम तल पर बनीं दुकानों, पार्किंग व परिसर के कुछ हिस्सों को भी ई-नीलामी कर लीज पर दिया था, जिससे जीएसटी सहित 25 लाख की आय का रास्ता खुला था। अब फूड कोर्ट की भी किराया निलामी सफल होने से पालिका को दोनों संपत्तियों को मिलकर 46 लाख रुपय की सालाना आय होगी।