
नाथद्वारा. स्थानीय नगरपालिका की स्वास्थ्य एवं सफाई समिति की बैठक समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में की गई। जिसमें होटल संचालकों द्वारा गंदगी आदि करने पर नामजद नोटिस देकर कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। पालिका आयुक्त लजपाल सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष की उपस्थिति में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि माणक चौक के वहां पर महाराजा होटल, बॉम्बे वाली धर्मशाला तथा मणीभाई धर्मशाला द्वारा सडक़ पर गंदा पानी छोड़ा जाता हैं। इसके लिए उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाए। तत्पश्चात् अवहेलना पर इन्हें सीज करने की कार्यवाही की जाए। इसी प्रकार पालिका के सभी कर्मचारियों को वर्दी में आने के लिये निरीक्षक पाबन्द करें, वर्दी में नहीं आने पर सूचना स्वास्थ्य निरीक्षक या सफ ाई समिति अध्यक्ष शिकायत करने को कहा गया। जिसमें महिलाओं के लिये किसी भी रंग की प्लेन साड़ी निरीक्षकों की राय से तय कर खरीद ली जाए। आवारा पशुओं को पकडक़र सरकार सेे अनुदान प्राप्त गोशाला में छोड़ा जाए, अनुदानित गोशालाओं को पत्र लिखने, गांधी बाजार, दिल्ली बाजार एवं प्रीतम पोल में स्ट्रीट वेण्डर खड़े नहीं करने का भी निर्णय लिया गया। आयुक्त ने बताया कि शहर की समस्त होटलों, धर्मशालाओं व गेस्ट हाउसों आदि में सेप्टी टैंक होने के संबंध में हल्का निरीक्षकों से रिपोर्ट प्राप्त की जाए, साथ ही समस्त वाटिकाओं में सफ ाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण व निस्तारण के लिए पांबद किया जाए। बैठक में समिति सदस्य नीरज शर्मा, मनीष कुमार, रोशन देवी, आयुक्त लजपाल सिंह एवं पालिका कर्मचारी उपस्थित थे।
बाह्य चिकित्सक का किया गांधीवादी विरोध
राजसमंद. साल हॉस्पिटल अहमदाबाद के चिकित्सक डॉ. अनिल जैन द्वारा लापरवाही पूर्वक ईलाज करने के पश्चात् पिछले दिनों राजनगर निवासी सुशील कुमार दक की मृत्यु हो जाने पर परिजनों एवं शुभचिन्तकों ने उदयपुर में देवेन्द्र धाम में आयोजित शिविर स्थल के नजदीक पहुंच डॉ. अनिल जैन का गांधीवादी तरीके से विरोध किया एवं उनके कारनामों को उजागर करने वाले पत्रक वितरित किए। परिजन अविनाश राजकुमार दक ने बताया कि ये चिकित्सक विभिन्न क्षेत्रों में नि:शुल्क शिविर के नाम पर सिर्फ परामर्श देकर रोगियों के मन में भ्रांतियां एवं डर पैदा कर अहमदाबाद स्थित चिकित्सालय में बुला लेते हैं। ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होने पर भी ऑपरेशन कर पैसा ऐंठकर न केवल रोगी के जीवन के साथ अपितु आर्थिक धोखाधड़ी भी करते हैं। परिजनों ने बताया कि गुजरात राज्य में पंजीकृत चिकित्सक राजस्थान में पंजीकरण कराए बिना अथवा आइएमआर प्रमाण के बिना राज्य में शिविर आयोजित नहीं कर सकते हैं एवं न ही चिकित्सकीय कार्य कर सकते हैं। बावजूद इसके चिकित्सक ने उदयपुर में परामर्श दिया। इस सबंध में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उदयपुर ने भी आयोजकों को पत्र लिख एतराज जताया। परिजन रविवार को भी शिविर स्थल के नजदीक सद्बुद्धि यज्ञ कर चिकित्सकों को सद्बुद्धि देने की भगवान से प्रार्थना करेंगे।
Published on:
18 Mar 2018, 4:02 PM IST
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