8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

अब यहां मरीज की गलत इलाज से मौत का मामला गर्माया, मरीज के परिजनों ने की तोडफ़ोड़

कामलीघाट मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल से उदयपुर रैफर किए गए मरीज की रास्ते में छापली के समीप मौत हो होने पर गुस्साए मृतक के परिजन एवं ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर तोडफ़ोड़ कर हंगामा कर दिया। आखिर में अस्पताल एवं मृतक के परिजनों के बीच आपसी सहमति के बाद 11 लाख रुपए का मुआवजा देने की बात बनी और मामला शांत हुआ।

2 min read
Google source verification

देवगढ़. कामलीघाट मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल से उदयपुर रैफर किए गए मरीज की रास्ते में छापली के समीप मौत हो होने पर गुस्साए मृतक के परिजन एवं ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर तोडफ़ोड़ करते हुए हंगामा कर दिया। इसके बाद धरना देकर अस्पताल के बाहर बैठ गए और मुआवजे की मांग करने लगे। सूचना पर देवगढ़ एवं दिवेर पुलिस व उपखंड अधिकारी अर्चना चौधरी, तहसीलदार धर्मेंद्र स्वामी, कुंभलगढ़ डीएसपी ज्ञानेंद्रसिंह भी मौके पर पहुंच गए और काफी देर समझाईश के बाद रात्रि आठ बजे मामला शांत हुआ। संग्रामपुरा देवगढ़ निवासी डाउलाल (40) पुत्र छगनलाल सालवी का नगर के भगवान महावीर हॉस्पिटल में हर्निया का गत 5 मार्च को ऑपरेशन किया गया था एवं शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे छुट्टी दे दी गई थी। इस दौरान परिजन मरीज को घर ले गए, लेकिन उसकी तबीयत अचानक से खराब हो गई। इस पर परिजन मरीज को दुबारा इसी अस्पताल में लेकर आए तो डॉक्टर ने स्थिति गंभीर बताते हुए उसे अन्यत्र ले जाने को कहा। इसके बाद परिजन मरीज को ईलाज के लिए उदयपुर लेकर रवाना हो गए, लेकिन डाउलाल ने छापली के समीप ही दम तोड दिया। इसके बाद परिजन उसके शव को पुन: भगवान महावीर अस्पताल ले कर आए। इस दौरान परिजनों के साथ ही सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी दोपहर करीब दो बजे यहां पहुंच गए और हॉस्पिटल के अंदर घुसकर काफी तोडफ़ोड़ करते हुए हंगामा मचा दिया। सूचना मिलते ही थानाधिकारी अनिल कुमार बिश्नोई मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। इसके बाद ग्रामीणों ने बाहर खड़े रहकर काफी देर तक प्रदर्शन किया और शव को एम्बुलेंस में ही रखाा हुआ था। वहीं, मामले को लेकर मृतक के परिजनों की ओर से थाने पर भी रिपोर्ट दी गई।

रात्रि में आठ बजे तक चला वार्ताओं का दौर

इधर, सूचना पर उपखंड अधिकारी चौधरी, डीएसपी कुंभलगढ़, देवगढ़ तहसीलदार स्वामी एवं तहसील स्टॉफ भी मौके पर पहुंचा। इसके बाद मृतक के परिजनों एवं हॉस्पिटल, पुलिस व प्रशासन के बीच समझौते को लेकर वार्ता का दौर चला, जो रात्रि आठ बजे तक चला। इस दौरान ग्रामीण हॉस्पिटल के बाहर ही धरना देकर बैठे रहे। इस बीच कई बार भीड़ एवं पुलिस के बीच नोक-झोंक हुई। सूचना मिलने पर दिवेर थानाधिकारी भवानी शंकर भी मय जाप्ता मौके पर पहुंच गए।

अचानक हुए हमले से स्टॉफ व मरीज डरे

मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों के अचानक हॉस्पिटल में किए गए हंगामे एवं तोडफ़ोड़ से पूरा अस्पताल स्टॉफ, भर्ती मरीज व उनके परिजनों आदि में अफरा-तफरी के बीच भय का माहौल बन गया।

हॉस्पिटल बना छावनी

मामले को लेकर एसडीएम सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच भारी पुलिस जाप्त के मौजूद रहने से अस्पताल परिसर छावनी बन गया। इस दौरान तहसील से आरआई सियाराम, पटवारी किशोरसिंह भी मौजूद रहे।

मुआवजे की राशि तय होने के बाद खत्म हुआ हंगामा

परिजनो एवं ग्रामीणों का हंगामा हॉस्पिटल प्रशासन की मृतक के परिजनों एवं पुलिस व प्रशासन के साथ लंबे वार्ता के दौर के दौरान रात करीब आठ बजे तक चला। आखिर में अस्पताल एवं मृतक के परिजनों के बीच आपसी सहमति के बाद 11 लाख रुपए का मुआवजा देने की बात बनी और मामला शांत हुआ।

सांस में तकलीफ पर किया था रैफर

मरीज को 11 बजे डिस्चार्ज कर दिया था, दोपहर में हार्ट की तकलीफ होने पर दुबारा यहां लाए तो उस समय सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, मैंने मरीज का प्राथमिक उपचार कर उदयपुर के लिए रैफर कर दिया था।

  • डॉ. सीपी जैन, भगवान महावीर हॉस्पिटल देवगढ़

यह भी पढ़े…राजस्थान के इस जिले में सुबह-सुबह मच गया हडकंप, एक साथ 60 दुकानों को किया सीज