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राजस्थान के इस जिले में सुबह-सुबह मच गया हडकंप, एक साथ 60 दुकानों को किया सीज…पढ़े पूरी खबर

राजसमंद जिला मुख्यालय पर लीज धारक की ओर से बनाई गई अवैध दुकानों पर नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए सुबह 7 बजे सीज करने की कार्रवाई शुरू की, जो करीब 9.30 बजे तक चली। नगर परिषद ने 60 दुकानों को सीज कर दिया।

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राजसमंद. शहर के नवबहार कॉलोनी के पास श्री द्वारकाधीश मंदिर की जमीन पर लीज धारक की ओर से बनाई गई अवैध दुकानों को शनिवार को नगर परिषद ने सीज कर दी। सीज की कार्रवाई के दौरान भी दुकानदार अपना सामान समेट रहे थे। वहीं पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। द्वारिकाधीश मंदिर की जमीन लीज एग्रीमेंट के तहत फरवरी 2022 में तीन साल के लीजधारक को दी थी। लेकिन लीजधारक ने नगर परिषद की बिना निर्माण अनुमति के मंदिर की जमीन पर दुकानों का निर्माण कर लिया। इसमें से करीब 38 दुकानें संचालित हो रही है। नगर परिषद ने बिना निर्माण अनुमति के दुकानों को अवैध बताते हुए गुरुवार को दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा कर शुक्रवार को दोपहर 2 बजे तक दुकानें खाली करने की चेतावनी दी। इसके चलते देररात्रि तक दुकानदार दुकानों को खाली करने में जुटे रहे। शनिवार को सुबह नगर परिषद आयुक्त बृजेश रॉय, अतिक्रमण दस्ते के प्रभारी एईएन शंकर लाल चंगेरीवाल और मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक गिरिराज गर्ग एवं अन्य कार्मिक दुकानों को सीज करने के लिए मौके पर पहुंचे। दस्ते में शामिल कार्मिकों ने दुकानों पर अपने ताले लगाए और उन्हें सीज करने की कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई करीब 9.30 बजे तक चली। इस दौरान कांकरोली थाना पुलिस के जाब्ता सहित महिला एवं पुरुष पुलिकर्मी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि कुछ व्यापारियों एवं उनके परिजनों ने शुक्रवार को चौपाटी पर करीब आधा घंटे रास्ता रोककर धरना-प्रदर्शन किया था।

60 दुकानों का निर्माण, 38 के चस्पा किए थे नोटिस

मंदिर की जमीन पर लीजधारक ने करीब 60 टीनशेड की दुकानों का निर्माण किया। इसमें 38 दुकानें किराए पर दे दी। इसमें अधिकांश दुकानें खुल गई थी। दुकानदारों ने अपना सेटअप कर लिया था। नगर परिषद की ओर से लीजधारक को कई बार नोटिस दिए, लेकिन वह संतोषजनक जवाब और दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके कारण नगर परिषद ने चस्पा किए नोटिस में बताया कि मास्ट प्लान के अनुसार उक्त भूमि पर प्रस्तावित आवासीय भू-उपयोग के विपरित वाणिज्ययिक प्रयोजनार्थ निर्माण किया गया। इसके चलते सीज करने के नोटिस चस्पा किए गए। हालांकि 20 से अधिक और दुकाने बनी हुई है। उन दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा नहीं किए गए हैं।

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