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महंगे लाइसेंस की मार से इस पर्यटनस्थल पर बंद हो गए बार

आबकारी विभाग जयपुर और जोधपुर की तर्ज पर कुम्भलगढ़ में भी वसूल रहा सालाना फीस, गत दो वर्षों से कोई नहीं कर रहा बार का नवीनीकरण

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Kumbhalgarh पहाड़ी पर्यटन के केंद्र कुंभलगढ़ में लगभग 12 दर्जन से अधिक होटल और रिसोर्ट होने के बावजूद सिर्फ एक रिसॉर्ट में ही बार का लाइसेंस बचा है। वजह, राज्य के बड़े पर्यटन केंद्रों की तर्ज पर शराब के लाइसेंस की फीस लागू होना। कुंभलगढ़ में केवल महुआ बाग रिसोर्ट में बार का लाइसेंस बचा है, बाकी सभी लाइसेंसधारी होटल व्यवसाइयों ने महंगे लाइसेंस फीस के चलते लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करवाया है।

आबकारी विभाग पहले होटल कारोबारियों से सालाना 3 लाख 40 हजार रुपए बार लाइसेंस की फीस के रूप में वसूल करता था, जो पिछले 2 साल से दोगुने से भी ज्यादा हो गई है। अब आबकारी विभाग ने जयपुर और जोधपुर की तर्ज पर सालाना फीस 8 लाख 25 हजार रुपए कर दी है। यह शुल्क यहां के होटल कारोबार के लिए काफी महंगा साबित होने लगा और पिछले 2 वर्षों से कुंभलगढ़ में किसी भी होटल ने अपने बार लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है। इस वक्त कुंभलगढ़ में सिर्फ एक महुआ बाग रिसोर्ट के पास बार का लाइसेंस है।

होटल में बार लाइसेंस नहीं होने की वजह से बाहर से आने वाले पर्यटक मार्केट से शराब खरीद कर खुले में बैठकर शराब पीने को मजबूर हैं, क्योंकि होटल में लाइसेंस नहीं होने की वजह से शराब उपलब्ध नहीं हो पाती है। यही नहीं, बाहर शराब पीकर खुले में घूमने से विवाद और हादसे होने की आशंका भी बनी रहती है।

यहां सिर्फ सीजन ने चलता कारोबार
जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में पूरे साल पर्यटन चलता है, जबकि, कुंभलगढ़ में सिर्फ सीजनेबल पर्यटन कारोबार होता है। ऐसे में होटल कारोबारियों को बड़े शहरों की तर्ज पर बार की फीस बहुत महंगी पड़ती है। होटल कारोबारियों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे करती है, दूसरी ओर ऐसे निर्णयों से पर्यटन कारोबार को चोट पहुंचा रही है। इस मामले में कुंभलगढ़ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष भारतपाल सिंह शेखावत ने उपमुख्यमंत्री एवं क्षेत्र की पूर्व सांसद दीया कुमारी को ज्ञापन भी सौंपा है और सरकार से राहत दिलाने की मांग की।

इनका कहना है...

पिछले दो वर्षों से महंगे लाइसेंस फीस के कारण बार लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। ऐसे में पर्यटक होटल के बाहर खुले में शराब पीने को मजबूर हैं। साथ ही सिर्फ सीजनेबल पर्यटन में इतनी महंगी बार लाइसेंस की फीस से कोई बार नहीं चला पता है।
भारत पाल सिंह शेखावत, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन, कुंभलगढ़

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