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कार्बन क्रेडिट से आय कमाने वाली देश की पहली पंचायत बनेगी पिपलांत्री,पेड़ बनेंगे भविष्य की पूंजी

मधुसूदन शर्मा राजसमंद. पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राजसमंद जिले की ग्राम पंचायत पिपलांत्री न केवल राजसमंद जिले कि बल्कि देश की ऐसी पहली ग्राम पंचायत बनने जा रही है जो कार्बन क्रेडिट के माध्यम से आय अर्जित करेगी। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण […]

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MOU For Carben Credit

MOU For Carben Credit

मधुसूदन शर्मा

राजसमंद. पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राजसमंद जिले की ग्राम पंचायत पिपलांत्री न केवल राजसमंद जिले कि बल्कि देश की ऐसी पहली ग्राम पंचायत बनने जा रही है जो कार्बन क्रेडिट के माध्यम से आय अर्जित करेगी। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रीन पीपल सोसाइटी, टेरा ब्लू कम्पनी एवं पिपलांत्री ग्राम पंचायत के मध्य कार्बन क्रेडिट परियोजना को लेकर त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जैविक खेती, व्यापक स्तर पर पौधरोपण एवं सोलर रूफ इंस्टॉलेशन के माध्यम से कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसा कर पिपलांत्री पौधारोपण और हरित विकास कार्यों को अपनाकर कार्बन बाजार से जुड़ने जा रही है। जिससे पंचायत और किसानों दोनों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। ग्राम पंचायत की प्रशासक अनिता पालीवाल ने कार्बन क्रेडिट को ग्राम पंचायत के लिए बड़ा कदम बताया।

पौधारोपण से बनेगा कार्बन क्रेडिट

यदि पौधरोपण सरकारी भूमि पर किया जाएगा तो उसका सीधा लाभ पंचायत को प्राप्त होगा। यदि किसान की निजी भूमि पर होगा तो कार्बन क्रेडिट से होने वाली आय सीधे संबंधित किसान को ही मिलेगी। योजना के तहत पंचायत क्षेत्र में बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाएंगे। पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, जिससे ग्रीनहाउस गैसों में कमी आती है। वैज्ञानिक तरीके से इस कार्बन अवशोषण को मापा जाएगा और उसी आधार पर कार्बन क्रेडिट जारी किए जाएंगे। एक कार्बन क्रेडिट एक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी के बराबर माना जाता है। इन क्रेडिट्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को बेचा जाएगा, जिससे पंचायत को आय प्राप्त होगी।

पंचायत को कैसे होगी आय

  • लगाए गए पौधों की निगरानी और गणना की जाएगी- विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा कार्बन बचत का आकलन होगा- प्रमाणन के बाद कार्बन क्रेडिट जारी होंगे
  • कंपनियां पर्यावरणीय दायित्व पूरा करने के लिए इन्हें खरीदेंगीकार्बन क्रेडिट की बिक्री से प्राप्त राशि ग्राम पंचायत के खाते में आएगी, जिसका उपयोग गांव के विकास कार्यों में किया जा सकेगा।

किसानों को क्या लाभ मिलेगा

इस योजना से स्थानीय किसानों को कई स्तरों पर फायदा होगा:-

  • अतिरिक्त आय: जिन किसानों की भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे, उन्हें आय में हिस्सा मिलेगा।- एग्रो-फॉरेस्ट्री बढ़ेगी: खेती के साथ पेड़ लगाने से लंबी अवधि की कमाई होगी।
  • मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी: पेड़ों से नमी और जैविक कार्बन बढ़ेगा।- पशुपालन को लाभ: चारा और छाया उपलब्ध होगी।
  • जल संरक्षण: हरियाली बढ़ने से भूजल स्तर सुधारने की संभावना।पर्यावरण और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना जलवायु परिवर्तन से निपटने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार भी बढ़ाएगी। पौधारोपण, देखभाल और निगरानी कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। वीबी जीरामजी जैसी योजनाओं से भी इसे जोड़ा जा सकता है।

पिपलांत्री मॉडल बनेगा उदाहरण

पर्यावरण संरक्षण के लिए पहले से चर्चित पिपलांत्री ग्राम पंचायत अब कार्बन क्रेडिट से आय अर्जित करने वाली देश की अग्रणी पंचायतों में शामिल होगी। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो राज्य की अन्य ग्राम पंचायतें भी इसे अपनाकर हरित विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

25 वर्षों तक होगी अतिरिक्त आय

टेरा ब्लू के सीईओ रिचर्ड ब्राइट ने पिछले चार वर्षों में लगाए गए पौधों के आधार पर बताया कि आने वाले 25 वर्षों तक इनसे कार्बन क्रेडिट के रूप में आय प्राप्त होती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को राजसमंद जिले की अन्य ग्राम पंचायतों से भी जोड़ा जाएगा।

इनका कहना है

इस पहल के साथ पिपलांत्री ने पर्यावरण संरक्षण को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए ग्रामीण विकास का एक अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया है, जो भविष्य में पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।

- राहुल भटनागर, अध्यक्ष, ग्रीन पीपल सोसाइटी

पिपलांत्री देश की पहली पंचायत होगी, जिसे कार्बन क्रेडिट से नियमित आय प्राप्त होगी। इसका लाभ ग्राम पंचायत और खेती किसानी का काम करने वालों के लिए लाभदायक होगी।

उदय, संस्थापक टेरा ब्लू

कार्बन क्रेडिट को लेकर ग्राम पंचायत पिपलांत्री ने एमओयू किया है। इसके माध्यम से दीर्घकालिक अतिरिक्त आय का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

श्यामसुंदर पालीवाल, पूर्व सरपंच, पिपलांत्री