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जयप्रभा मेनन की मोहिनीअट्टम शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति ने पर्यटकों का दिल जीता

तीन दिवसीय कुम्भलगढ़ महोत्सव में बिखर रहे लोक संस्कृति और कला के रंग

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राजसमंद. महाराणा कुंभा के गढ़ एवं विरासत ऐतिहासिक कुंभलगढ़ दुर्ग पर गुरुवार को तीन दिवसीय कुंभलगढ़ फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ।
महोत्सव के तहत गुरुवार को रात्रिकालीन कार्यक्रम में नई दिल्ली से अपने 10 सदस्यीय दल के साथ पहुंची जयप्रभा मेनन ने पाश्र्व में कुंभलगढ़ की छवि वाले दूधिया रोशनी से नहाए जगमग मंच पर भारतीय शास्त्रीय नृत्य मोहिनीअट्टम के विभिन्न रूपों की शानदार प्रस्तुति से वातावरण को कृष्णमय कर दिया। उनके साथ रमिता राजेश, अनन्या नायर, मृतुला नायर और राधिका मेनन के आलावा दल के अन्य सदस्यों ने भी बेहतरीन प्रस्तुति दी। पौराणिक गाथा के अनुसार भगवान विष्णु ने समुद्र मन्थन के सम्बंध में और भस्मासुर के वध की घटना के सम्बंध में लोगों का मनोरंजन करने के लिए मोहिनी का वेश धारण किया था। यह नृत्य विष्णु की लीला और क्रियाकला को प्रदर्शित करता है। यह शास्त्रीय नृत्य शृंगाररस प्रधान नृत्य शैली है। इस शास्त्रीय नृत्य में दक्षिण की दो अत्यंत सुंदर नृत्य शैली भरतनाट्यम और कथकली का सुंदर संगम देखने को मिलता है। संचालन गिरधारी लाल शर्मा और ऋचा पानेरी ने किया।

कलाकारों के साथ पर्यटकों ने भी लगाए ठुमके
इससे पहले दोपहर में राजस्थानी विधा पर आधारित नृत्य की प्रस्तुति में जब कर्णप्रिय साज बजने लगे तो पर्यटक अपने पांवों को झूमने से नहीं रोक पाए और उन्होंने कलाकारों के साथ जमकर ठुमके लगाए।