
Rajasthan election 2023 जितेन्द्र पालीवाल@ राजसमंद. जिले की चार विधानसभा सीटों पर पिछले 66 वर्ष में हुए 14 चुनावों के नतीजों का इतिहास बड़ा रोचक रहा है। चारों सीटों में से सबसे बड़ी जीत पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी के नाम रही है, वहीं सबसे छोटी जीत-हार नाथद्वारा में वर्ष 2008 के चुनाव में देखने को मिली, जिसकी चर्चा पूरे देश में हर चुनाव के वक्त होती रही है। जीत-हार के छोटे-बड़े अंतर में फंसे दिग्गज नेताओं में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हीरालाल देवपुरा का भी नाम आता है, तो नाथद्वारा सीट पर सबसे छोटी हार के साथ सबसे बड़ी जीत कांग्रेस नेता सीपी जोशी के नाम दर्ज है। भीम सीट पर 51 साल पहले हुए चुनाव में साढ़े 27 हजार वोटों की बड़ी जीत उल्लेखनीय है।
भीम सीट
सबसे बड़ी हार-जीत: वर्ष 1972 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चिमन सिंह भाटी को 34251 वोट हासिल हुए, जिनके सामने उतरे भारतीय जनसंघ के मोहनलाल मेहता को केवल 6685 मतों से संतोष करना पड़ा। जीत-हार का अंतर 27566 वोट रहा।
सबसे छोटी हार-जीत: वर्ष 2008 के चुनाव में बेहद करीबी मुकाबला हुआ। भाजपा से दूसरी बार लड़ रहे हरि सिंह रावत की झोली में 38262 मत आए, जबकि प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह को 37532 वोट मिले। मतांतर केवल 730 का रहा।
कुम्भलगढ़ सीट
सबसे बड़ी हार-जीत: वर्ष 2013 के चुनाव में तीन बार के विधायक रह चुके भाजपा के सुरेन्द्र सिंह को अब तक के सबसे ज्यादा 73402 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के पूर्व विधायक गणेश सिंह परमार को 45796 मतों से संतोष करना पड़ा। 27606 मतों के अंतर से जीत-हार तय हुई।
सबसे छोटी हार-जीत: वर्ष 1962 में एसडब्ल्यूए के गोविन्द सिंह को जनता ने 11011 मतों से नवाजा, वहीं कांग्रेस के हीरालाल देवपुरा को कड़े मुकाबले में 10733 मत प्राप्त हुए। जीत-हार केवल 278मत की थी।
राजसमंद सीट
सबसे बड़ी हार-जीत: वर्ष 2013 में भाजपा की उम्मीदवार किरण माहेश्वरी को 84263 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी हरि सिंह राठौड़ को 53688 मत प्राप्त हुए। 30575 मतों के अंतर से यह सबसे बड़ी हार-जीत थी।
सबसे छोटी हार-जीत: वर्ष 1957 में कांग्रेस के निरंजननाथ आचार्य को 20255 वोट मिले, जबकि निर्दलीय कल्याणमल ने 18382 मत प्राप्त किए। मत का अंतर 1873 वोट ही रहा।
नाथद्वारा सीट
सबसे बड़ी हार-जीत: वर्ष 1985 में कांग्रेस उम्मीदवार सीपी जोशी को 38943 वोट मिले, जबकि भाजपा के विजय सिंह झाला को 12753 वोट प्राप्त हुए। यहां अब तक की 26190 मतों से सबसे बड़ी जीत सीपी के नाम है।
सबसे छोटी हार-जीत: वर्ष 2008 का चुनावी नतीजा पूरे देश में चर्चा का विषय रहा था। भाजपा से पहली बार मैदान में उतरे कल्याण सिंह चौहान को 62216 वोट, जबकि प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के दिग्गज नेता सीपी जोशी को 62215 मत मिले। हार-जीत का केवल 1 मत का अंतर रहा।
Published on:
15 Oct 2023 11:51 am

