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मुठभेड़ के वो 20 मिनट: पीछे दौड़ती पुलिस, 50 राउण्ड फायर और छलनी हो गईं गाडिय़ां

police-smuggler encounter in Rajasthan तस्करों ने 12 बोर और पिस्टल, पुलिस ने 12 बोर, पिस्टल और एके-47 से चलाई गोलियां, दिवेर की सतपालिया घाटी से डोडा-चूरा तस्करी और तस्कर की मौत का मामला

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police-smuggler encounter in Rajasthan राजसमंद. दिवेर थाना क्षेत्र की सतपालिया घाटी से आगे सोमवार रात 11:30 बजे पुलिस-तस्करों में हुई मुठभेड़ करीब 20-25 मिनट तक फिल्मी अंदाज में चली। लग्जरी कार में सवार दो तस्करों ने बचने की हर मुमकिन कोशिश की और राजसमंद पुलिस के जिला विशेष दल (डीएसटी) की काले रंग की एसयूवी की विंड स्क्रीन और ड्राइवर साइड की पीछे की फाटक पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। जवाब में पुलिस की गोली से एक तस्कर की मौत हो गई, वहीं पुलिस दल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पूरे मामले की जांच पाली के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर मुहिम के तहत दिवेर की सतपालिया घाटी में डीएसटी टीम नाकाबंदी व जांच कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर तस्करों को पकडऩे की योजना बनाई। नाकाबंदी से कुछ पहले खड़े पुलिसकर्मियों ने ज्योंही सम्भावित गाड़ी निकलने की सूचना दी, सडक़ पर गाड़ी को पंक्चर करने के लिए स्टॉप स्टिक (कीलें लगा हुआ पट्टा) बिछा दी। ऊपर से तस्करों की गाड़ी गुजरते हुए पुलिस नाकाबंदी को भी तोड़ भाग निकली। पुलिस ने पीछा शुरू कर दिया। करीब 5 किलोमीटर दूर तक पीछा करते हुए राजसमंद की टीम पाली जिले के खींवाड़ा थाना क्षेत्र में 300 मीटर तक प्रवेश कर गई।

- पुलिस आते देख तस्करों ने शुरू कर फायरिंग
गाड़ी में दो तस्कर सवार थे। एक गाड़ी चला रहा था, जबकि दूसरा बगल में आगे की सीट पर बैठा था। पुलिस को पीछा करते देख बायीं ओर बैठे तस्कर ने पिस्टल और 12 बोर की बंदूक से फायर करना शुरू कर दिया। हथियार बदल-बदलकर उसने कई राउण्ड फायर किए। चालक ने पुलिस की गाड़ी कभी सडक़ के बायीं ओर तो कभी दायीं ओर मुड़ाते हुए बचने का प्रयास किया। इस बीच हवाई फायर कर समर्पण करने की चेतावनी भी देते रहे। स्टॉप स्टिक की कीलें लगने और हवा निकलने के बावजूद तस्कर कार दौड़ती रही और आखिरकार तीन टायर निकलने गए और गाड़ी की गति मंद पड़ी। तस्करों ने गुप्प अंधेरे में सडक़ की एक तरफ खड़ी कर दी और सडक़ के बीच आ गए।

- पुलिस की विंड स्क्रीन पर चलाई गोली, फाटक खुलते ही छलनी
सडक़ के बीच आ खड़े हुए दोनों तस्करों ने ओपन फायर शुरू कर दिया। पुलिस ने गाड़ी रोकी, तब एक गोली विंड स्क्रीन पर लगी। ज्योंही फाटक खोली तस्करों ने तोबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे फाटक छलनी हो गई। जवाब में पुलिस टीम ने भी फायर किए, जिसमें एक तस्कर के मुंह पर गोली जा लगी और उसकी बाद में मौत हो गई। दूसरा तस्कर पिस्टल से फायर करता हुआ गुप्प अंधेरे में पहाड़ी क्षेत्र में भाग खड़ा हुआ।

- गाड़ी पर गोलियों के छेद
तस्करों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान करीब 15 राउण्ड, जबकि पुलिस ने 10 राउण्ड फायर किए। तस्करों के पास 12 बोर और पिस्टल थी, वहीं पुलिस ने 12 बोर से 2, पिस्टल से 2 और एके-47 से करीब पांच राउण्ड फायर किए। पुलिस ने ज्यादातर फायर हवा में किए, जबकि तस्करों ने पुलिस की गाड़ी को निशाना बनाया, जिससे बोनट, विंड स्क्रीन और साइट की फाटक पर छेद हो गए।

- पुलिस अधीक्षक पौने 12 बजे पहुंचे
वारदात की सूचना मिलते ही राजसमंद एसपी सुधीर जोशी व अन्य साथी अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर एफएसएल टीम भी पहुंची। मंगलवार को दिनभर वहां पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा।

- गाड़ी में थे ये पुलिसकर्मी
सब इंस्पेक्टर केशाराम, कमाण्डो हंसराज, कांस्टेबल शिवदर्शन व रामकरण पुलिस की गाड़ी में थे, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी नाकाबंदी से कुछ दूर पहले मौजूद थे, जो तस्करों की गाड़ी पर नजर रखे हुए थे।
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हमारी टीम तस्करों का पीछा करते हुए पाली जिले की सीमा में चली गई थी। जहां आमने-सामने की मुठभेड़ हुई, वह इलाका पाली जिले में आता है, इसलिए मामला वहीं दर्ज हुआ है। जांच भी पाली पुलिस करेगी। एफएसएल टीम ने पूरे घटनाक्रम के सबूत एकत्र किए हैं। शुक्र है, पुलिस के किसी जवान को कोई क्षति नहीं हुई है।
सुधीर जोशी, पुलिस अधीक्षक, राजसमंद

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