
Controversy over Maharana Pratap statue राजसमंद. जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना की अर्से पुरानी मांग के बीच कलक्ट्रेट-जिला परिषद भवन के पास तिराहे पर गत 22 मई की रात शहर के विभिन्न संगठनों से जुड़े कुछ लोगों द्वारा स्थापित प्रतिमा अगली रात प्रशासन द्वारा हटाने से मामला गरमा गया। बुधवार सुबह लोग नगर परिषद पहुंचे और सभापति अशोक टांक के समक्ष जमकर आक्रोश जताया। इधर, विवादित जमीन पर हाईकोर्ट के स्थगनादेश का हवाला देते हुए परिषद ने थाने में करीब 30 से ज्यादा लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है। परिषद भवन के अहाते में प्रवेश द्वारा के ठीक सामने स्थापित प्रताप प्रतिमा पर सुबह सभापति और अन्य कर्मचारियों-जनप्रतिनिधियों ने माल्यार्पण भी किया।
ऐसे चला विवाद
22 मई : रात 9 बजे लगाई मूर्ति
शहर में विभिन्न संगठनों से जुड़ेे कुछ लोगों ने जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाने की बरसों पुरानी मांग सरकारी स्तर पर पूरी नहीं होने को लेकर आक्रोश जताते हुए जिला परिषद की दिशा में कलक्ट्रेट के बाद तिराहे पर लोहे के एंगल से बने छोटे सर्कल पर महाराणा प्रताप की आदमकद लघुप्रतिमा स्थापित कर माल्यार्पण किया।
23 मई : रात 2 बजे हटाई
नगर परिषद व प्रशासन ने हाईकोर्ट के स्थगनादेश व नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए मंगलवार-बुधवार की मध्यरात्रि प्रतिमा को एंगल सहित हटाकर नगर परिषद भवन में मुख्यद्वार के सामने अहाते में स्थापित करवा दिया। बुधवार सुबह सभापति सहित परिषदकर्मियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
24 मई : सुबह 11 बजे सभापति से नोक-झोंक
प्रतिमा हटाने पर आक्रोशित लोग सुबह परिषद पहुंचे और सभापति टांक के समक्ष खासी नाराजगी जाहिर की। सभापति से उनकी काफी देर तक बहस होती रही। आक्रोशित लोगों ने आयुक्त के विरुद्ध भी आक्रोश जताकर कहा कि राजसमंद में हजारों मूर्तियां लगी हैं, इस तरह आधी रात को मूर्ति कभी नहीं हटाई गई।
24 मई : पुलिस में प्रकरण दर्ज
नगर परिषद के प्राधिकृत अधिकारी शंकरलाल ने राजनगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दी, जिस पर करीब 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में मूर्ति लगाने के स्थान पर हाईकोर्ट का स्टे होने, बिना अनुमति व सूचना प्रतिमा स्थापित करने, सड़क के बीच अतिक्रमण, सड़क खोदने व महाराणा प्रताप की लघु प्रतिमा को ठेस पहुंचने की आशंका का उल्लेख है।
परिषद बोली- जल्द स्थापित होगी प्रताप की भव्य अश्वारूढ़ प्रतिमा
वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित करने के नगर परिषद के बोर्ड प्रस्ताव का टेण्डर बुधवार को ही जारी कर दिया गया। कलक्ट्रेट के पास स्थित जेके गार्डन में यह प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सभापति अशोक टांक ने बताया कि मेवाड़ी आन-बान-शान के प्रतीक और महान सपूत महाराणा प्रताप की प्रतिमा की कमी लम्बे समय से महसूस की जाती रही है। महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा कलक्ट्रेट के पास जेके गार्डन में स्थापित करने का प्रस्ताव गत फरवरी में ही ले लिया गया था। टेण्डर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कौन, क्या बोला?
चुनाव आते देख छद्म राष्ट्रवादी नाटक करने लगे हैं। तीन दशक से परिषद, पालिका और विधायक में भाजपा का राज रहा, तब प्रताप कभी याद नहीं आए। महाराणा राज सिंह की भी लगातार उपेक्षा की गई। श्यामाप्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं लगा दी, लेकिन महाराणा प्रताप और राणा राज सिंह याद नहीं आए। प्रतिमा स्थापना की बात पर राजनीतिक द्वेष के चलते बदनाम किया जा रहा है। प्रतिमा हटाने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। यह काम प्रशासन ने किया है। स्थगन हटते ही वहां महाराणा प्रताप की गरिमा के अनुरूप विशाल प्रतिमा अवश्य लगवाएंगे।
अशोक टांक, सभापति, नगर परिषद
हाईकोर्ट के स्थगनादेश का कुछ लोगों ने उल्लंघन किया। इसकी नगर परिषद ने रिपोर्ट दी, जिस पर गैर जमानती धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। प्रतिमा नगर परिषद में ससम्मान रखवाने की जानकारी मिली है।
सुधीर जोशी, पुलिस अधीक्षक, राजसमंद
चौराहे पर शिलान्यास हुआ है। मूर्ति लगाना प्रस्तावित है। इस तरह आधी रात में हमारी लगाई प्रतिमा चोरी-छुपे हटा दी गई है और हम पर मुकदमा दर्ज किया। राजसमंद में हजारों मूर्तियां लगी हैं। आज तक तो किसी ने अनुमति नहीं ली। सभापति अगर हमारे साथ हैं, तो स्वयं मूर्ति वापस लगवाएं।
महेन्द्र सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष
Published on:
24 May 2023 11:24 pm
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