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फर्जी मालिक बनकर जमीनें बेचने वाले गिरोह के दो सह आरोपी गिरफ्तार

- जमीन की मालकिन की मौत के बाद डमी महिला से रजिस्ट्री करवाने का मामला, मुख्य आरोपी और एक साथी की पहले हो चुकी है गिरफ्तार

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फर्जी मालिक बनकर जमीनें बेचने वाले गिरोह के दो सह आरोपी गिरफ्तार

 राजसमंद के राजनगर पुलिस की गिरफ्त में फजीवाड़े के आरोपित।

राजसमंद. शहर व आस-पास के इलाकों में बेशकीमती जमीनों के फर्जी मालिक बन बेचान करने वाले गिरोह के दो सह अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस पूर्व में मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर चुकी है।
राजनगर सीआई डॉ. हनुवंत सिंह ने बताया कि गत 16 नवम्बर को सुन्दरलाल पुत्र हरिराम पालीवाल व भंवरलाल पुत्र हरिराम पालीवाल निवासी जावद हाल अहमदाबाद ने मनोज पुत्र यशवंतपुरी गोस्वामी, प्रदीप पुत्र भंवरलाल पालीवाल निवासी जावद, शम्भूलाल पुत्र भंवरलाल गुर्जर निवासी लेवा का छापर, नारायणलाल पुत्र भंवरलाल गुर्जर व एक अज्ञात महिला के विरुद्ध जमीन के नाम पर धोखाधड़ी का मामला इस्तगासे के जरिए दर्ज करवाया। इसमें बताया कि उनकी माता हंगामी बाई की मृत्यु 25 सितम्बर, 2008 को हो गई थी। मनोजपुरी व प्रदीप आपराधिक षड्यंत्र रचकर स्व. हगामी बाई के नाम पर दर्ज जावद की आराजी नंबर 260 रकबा 1.09 बीघा भूमि किसी अन्य महिला को खड़ी कर 8 जनवरी, 2016 को राजसमन्द में उप पंजीयक के लोगों को बेचकर रजिस्ट्री करवा दी। जो महिला फर्जी रूप से हगामी बाई बनी, उसके बारे में पुलिस को पता नहीं चला है।
पुलिस ने बताया कि मुख्य अभियुक्त मनोजपुरी उर्फ बन्टी बहुत ही शातिर किस्म का अपराधी है, जो कानूनी पेचीदगियों का जानकर है। उसने प्रकरण में उच्च न्यायालय, जोधपुर से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा था। स्टे की आड़ में लगातार भोले-भाले लोगों की जमीनों का फर्जी मालिक बन फर्जी ढंग से बेचान कर लाखों रुपए कमाकर मौज-शोक कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में सह अभियुक्त कांकरोली निवासी मनीष कुमार पुत्र रोशनलाल खटीक एवं चितौडगढ़़ हाल मालियों की बावड़ी एमडी निवासी संतोष गिरी पुत्र चेतन गिरी को गिरफ्तार किया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि बंटी के कहने पर ही प्रार्थी की माता स्वं हंगामी बाई के स्थान पर किसी डमी महिला को खड़ी करके विक्रय पत्र दस्तावेज उप पंजीयन कार्यालय राजसमंद में पंजीकरण करवाया। इसमें हगामी बाई की जगह डमी महिल की पहचान मनोज व प्रदीप ने की है। आरोपितों से पूछताछ जारी है। पुलिस को इनसे कई वारदातें खुलने की उम्मीद है। बंटी के विरुद्ध पूर्व में चोरी, मारपीट, अवैध हथियार रखने एवं फर्जी रजिस्ट्री के कुल 8 प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस बंटी के साथ प्रदीप पालीवाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

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