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राजस्थान के इस पर्यटन स्थल के निकट दो वन्यजीवों की मौत…पढ़े यह है कारण

गर्मी व भूख से पैंथर और पहाड़ से फिसलकर गिरने पर मादा भालू की मौत हो गई। दोनों शवों का कामलीघाट रेंज कार्यालय पर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर प्रशासनिक अधिकारी और कार्मिकों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया।

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देवगढ़. इन दिनों आग बरसाती भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह भीषण गर्मी वन्य जीवों के लिए तो जानलेवा तक साबित होने लगी है। ऐसा ही एक मामला देवगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत जीरण के गांव मोयना के पास सांसरियां में शनिवार सुबह सामने आया, जहां एक नर पैंथर की भीषण गर्मी और भूख से मौत हो गई। वहीं, दूसरी तरफ गोरमघाट के जंगलों में पहाड़ी की ऊंचाई से फिसलकर गिरने से एक मादा भालू की मौत हो गई। देवगढ़ वन विभाग के कार्मिकों ने दोनों के शवों को कामलीघाट स्थित रेंज कार्यालय पर लाकर मेडिकल बोर्ड की टीम से पोस्टमार्टम करवाया एवं प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में दोनों का अंतिम संस्कार करवाया गया। बताया गया कि शनिवार प्रात: मोयना के पास सांसरियां गांव की सडक़ के पास पशुओं के पानी पीने की प्याऊ के पास झाडिय़ों में एक पैंथर का शव मिलने की खबर से ग्रामीणों में हडक़ंप मच गया और ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। पैंथर का शव मिलने पर ग्राम पंचायत जीरण के प्रशासक चंद्रभान सिंह चुण्डावत ने इसकी सूचना देवगढ़ वन विभाग को दी। सूचना पर शनिवार प्रात: 7 बजे रेंजर रणवीर सिंह राजावत, वनपाल मानसिंह मीणा, चित्रा गुर्जर मय टीम मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना कर पैंथर के शव को कब्जे में लिया। वन विभाग की टीम ने शव को कामलीघाट स्थित रेंज कार्यालय पर पहुंचाया। रेंजर ने बताया कि मृत 3 साल के नर पैंथर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। हालांकि, अभी तक पैंथर की मौत अत्यधिक गर्मी एवं भूख के चलते होने की संभावना ही जताई जा रही है।

भालू शहद के चक्कर में गिरा ऊंचाई से

इधर, रेंजर रणवीर सिंह ने बताया कि दूसरी तरफ गोरमघाट के जंगलों में विचरण करते समय एक भालू ऊंची पहाड़ी से फिसल गया और नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई। भालू के शहद खाने के चक्कर में गिरने की भी बात सामने आई है। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया और कामलीघाट स्थित रेंज कार्यालय पर लाए। उन्होंने बताया कि मादा भालू की उम्र लगभग 8 से 10 साल की है। रेंजर ने बताया कि कामलीघाट रेंज कार्यालय पर देवगढ़ के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश शर्मा के निर्देशन में एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया, जिसमें डॉ. संदीप गौतम कालेसरिया, डॉ. मनोज कुमार सैनी ताल एवं डॉ. मोहित जैन कुंआथल को शामिल किया गया। मेडिकल बोर्ड की इस टीम ने पैंथर एवं भालू दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों का पुलिस, रेवेन्यू एवं वन विभाग की टीम की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बीमारी में भूख-प्सास से मौत

बीमारी के चलते पैंथर के फेफड़ों में पश भर गया था, जिसके चलते वो चल-फिर भी नहीं सकता था और सांस लेने में भी तकलीफ हो रही होगी, जिससे भूख और गर्मी के चलते उसकी मौत हो गई।

डॉ. सतीश शर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी राजकीय पशु चिकित्सालय देवगढ़

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