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रांची,रामगढ़: गर्मी के मौसम में मनरेगा योजना के तहत झारखंड के विभिन्न हिस्सों में कुआं का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन कुआं निर्माण में सुरक्षा मानको की अनदेखी और मानवीय भूल अथवा लापरवाही के कारण कई लोगों को जान से भी हाथ धोना पड़ रहा है। झारखंड के लातेहार और रामगढ़ जिले में पिछले तीन दिनों में इस तरह की दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गयी।
पहली घटना लातेहार जिले के मनिका मनिका थाना क्षेत्र के बरवैया पंचायत के चामा गांव में मनरेगा के तहत खोदे जा रहे कूप धंसने से तीन मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई। बताया गया है कि बरवैया पंचायत के चामा गांव में पूरन सिंह के खेत में मनरेगा के तहत कुआं खोदा जा रहा था, कुआं खोदने के लिए तीन मजदूर अंदर उतरे थे, इसी दौरान अचानक उपर से मिट्टी गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गयी। मृतकों में जसवंत सिंह, दामोदर उरांव और नंददेव सिंह शामिल है। बाद में जेसीबी की मदद से सभी शवों को बाहर निकाला जा सका। इस हादसे में दो अन्य लोग घायल भी हो गये। जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्त्ती कराया गया है।
इसी तरह हजारीबाग जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र के तेतरिया टोला में शिव मंदिर के निकट रामगढ़ जिले के विकास मद से बन रहे कुएं का चाल धंसने से तीन लोग अंदर दब गये, लेकिन लोगों की तत्परता और राहत एवं बचाव दल के प्रयास से दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन एक मजदूर की मौत हो गयी। इस कुआं का निर्माण भी मनरेगा के तहत बड़का चुम्मा स्थित तेतरिया टोला में शिव मंदिर के पास कराया जा रहा था।
Published on:
14 May 2019 09:54 pm
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