मध्यप्रदेश के रतलाम से आयुष्मान कार्ड को लेकर बड़ी खबर आ रही है।
रतलाम. समाज के आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में प्रदेश के 10 जिले ही सबसे बेहतर हैं। 101.45 फीसदी लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाकर इंदौर पूरे प्रदेश में नंबर एक पर है तो रतलाम ने 92.42 प्रतिशत लोगों के कार्ड बनाकर राज्य में दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर उज्जैन है, यहां 87.78 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं।
रतलाम के अधिकारी भले ये दावा करें कि उनका कार्य आयुष्मान कार्ड बनाने में बेहतर है, लेकिन अब भी काफी लोग इससे दूर है। इसकी एक बड़ी वजह आधार कार्ड का अपडेट नहीं होना है। ऐसे में लोकसेवा केंद्र के लोग चक्कर काट रहे है व उनको परेशानी हो रही है। इसकी वजह ये है कि आयुष्मान कार्ड के अपडेट करने के काम पर पूरे मार्च तक रोक लगाई गई है।, ऐसा बोर्ड लोकेसेवा केंद्र पर लगा हुआ है। इतना ही नहीं, ऐसे भी लोग है, जिनके परिवार में स्वयं को छोड़कर अन्य के आयुष्मान कार्ड बन गए है। अब वे इसको बनाने के लिए अलग-अलग स्थान पर चक्कर काट रहे है।
1300 बीमारियों का पैकेज है योजना में
आयुष्मान योजना में हर परिवार को 1300 बीमारियों का इलाज करने की सुविधा प्रदान की गई है। इन बीमारियों पर हर परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख तक का इलाज सरकार की तरफ से मुफ्त किया जाना है। योजना के हितग्राहियों में प्रदेश सरकार की संबल योजना के पंजीकृत परिवारों के साथ ही वर्ष 2011 की जनगणना में छांटे गए कैटेगरी 1 से 6 तक की शर्तों को पूरा करने वाले परिवारों को भी इस योजना के दायरे में लिया गया है। इस दायरे में आ रहे परिवारों का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। यह कार्ड एक बार बन जाने पर उसे मुफ्त में इलाज मिलना तय है।
फेक्ट फाइल कार्य प्रतिशत
इंदौर101.45
रतलाम92.42
उज्जैन87.78
छिंदवाड़ा87.30
शाजापुर87.03
जबलपुर86.85
मंदसौर86.70
गुना86.63
नरसिंहपुर85.83
नर्मदापुरम85.80
झाबुआ62.98
आलिराजपुर 65.01
सिंगरौली 65.09
बड़वानी65.50
निगरानी की जा रही
आयुष्मान कार्ड बनाने में पूरी मदद पात्र परिवार की हो रही है। इसकी स्वयं निगरानी कर रहा हूं। सभी अधिकारियों को कहा गया है इस कार्य में पूरी गंभीरता रखी जाए। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में नंबर एक पर आए।
- नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर