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रतलाम. अमुमन उत्तर और दक्षिण भारत में बरसने वाले बादल इस साल मध्यप्रदेश पर जमकर बरस रहे है। बीते सालों में ऐसा नहीं देखा गया है, लगातार बारिश के बाद प्रदेश के हालात बिगड़ गए है तो नदियां बार बार उफान पर आने से जनजीवन ठप हो रहा है। वर्षाकाल के आखिरी चरण में भी मानसून आगमन के समय जैसे हालात बन गए है। गांव डूब रहे है तो तालाबों में क्षमता से ज्यादा पानी आने से फूटने के मामले बढ़े है। इन सब का कारण क्या है, आखिर इस साल ऐसा क्या हो रहा है, जिससे मध्यप्रदेश में बारिश ने तबाही मचा दी है। ऐसे ही उठते सवालों का जवाब दे रही है यह रिपोट...।
दक्षिण भारत का शियर जोन मध्यप्रदेश पर मंडरा रहा
मौसम केेन्द्र के विशेषज्ञ और मौसम के वैज्ञानिकों की माने तो इस वर्ष मध्य प्रदेश के ऊपर से शियर जोन गुजर रह है। शियर जोन अमुमन दक्षिण भारत में रहता है, लेकिन इस बार वह भोपाल और इंदौर तथा उसके आस-पास से गुजर रहा है। इसके कारण भोपाल सहित अन्य संभाग व उनके आस-पास के 22 जिलों जैसे होशंगाबाद, बैतूल, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, देवास, खंडवा, बड़वानी जैसे जिलों में बारिश कहर बरपा रही है। इन जिलों में 17 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।
क्या होता है शियर जोन, क्यों लगातार बरसा रहा पानी
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो शियर जोन वह क्षेत्र कहलाता है जहां पूर्व-पश्चिमी मानसूनी हवाएं मिलती हैं। यहां हवाएं आपस में टकराती हैं और बारिश होती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी वजह से मध्य प्रदेश में 23 सितंबर तक लगातार बारिश होती रहेगी, शियर जोन समुद्र तल से 1.5 से 5.8 किमी ऊपर होता है, लेकिन इस बार ये 1.5 किमी नीचे है। वैज्ञानिकों का भी कहना है कि 4 दशक में प्रदेश में इतनी बारिश नहीं होते देखी, खास तौर से सितंबर में इतनी बारिश होते हुए नहीं देखा गया है। आंकड़ों को देखें तो 2009 की अपेक्षा 2019 में कई संभागों के जिलों में बारिश रेकॉर्ड हो रही है।
Published on:
14 Sept 2019 02:07 pm
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