रतलाम

#Ratlam मासूम चिल्लाता रहा, कोई मेरे पापा को बचा लो, सिर से उठ गया साया

देर रात हादसा, रिश्तेदार के यहां मृत्यु के कार्यक्रम से आ रहे थे, ट्रक में जा घूसी बाइक

2 min read
Jan 10, 2023
Dead body demo pic

रतलाम. शहर के करीब रत्तागिरी चौराहे पर सुरक्षा के लिहाज से बनाए गति अवरोधक ही जान के दुश्मन बन गए। यहां रविवार रात करीब 12.30 बजे हुए एक हादसे में खातीपुरा निवासी 45 वर्ष की व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 11 वर्ष का बेटा गंभीर रुप से घायल हो गया।

पिता - पुत्र बड़नगर गए थे। वे मृत्यु के एक कार्यक्रम से लौट रहे थे तब ही हादसा हुआ। दुर्घटना के करीब एक घंटे बाद बेटे को होश आया, तब उसने पिता को बचा लो का शोर फोरलेन पर मचाया, तब बाइक पर सवार शहर के अन्य युवकों ने मदद की व एंबुलेंस से पिता - पुत्र को जिला अस्पताल भेजा।

पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे

रात को सर्दी व तेज हवा थी। थोड़ा कोहरा भी था। अब्बा बाइक कम गति से चला रहे थे। रात करीब 12.30 बजे रत्तागिरी चौराहे पर करीब से तेज गति का ट्रक निकला। इसी दौरान आगे चलने वाले ट्रक ने स्पीड ब्रेकर आने पर अचानक से ब्रेक लगा दिए। इससे अब्बा का संतुलन बिगड़ गया। अब्बा बोले, बेटे सोहेल बचना, इतने में बाइक ट्रक में जा घुसी। मैं घबरा गया। मैं चिल्लाना लगा कि मेरे पापा को बचा लो। काफी देर तक किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद कुछ लोग आए और मदद की। यह कहते कहते सोहेल की आंख में से आंसू बह निकले। बातचीत के दौरान भी वह कांप रहा था। एकबारगी उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि उसके पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। मलाल यह कि समय पर पापा को अस्पताल लाते तो वे बच जाते।

कोई मदद को नहीं रुका

सोहेल के अनुसार टक्कर होने के बाद क्या हुआ कुछ भी याद नहीं, बस आंखों के सामने अंधेरा छा गया था। पिता के शब्द कान में थे, बेटे बचना-बेटे बचना। करीब एक घंटे बाद जब होश आया तो पिता और मैं जमीन पर थे। पापा के पास गया तो वे कुछ बोल नहीं रहे थे। उनके शरीर में जगह - जगह से खून निकल रहा था। इसी बीच लोग तेज कार, बाइक चलाकर निकल रहे थे, लेकिन कोई मदद को नहीं रुका। मुश्किल से खड़ा हो पाया, क्योंकि पैर में तेज दर्द हो रहा था, रोड पर आते - जाते वाहनों को चिल्लाया, कोई रुक जाओ, मेरे पापा को बचा लो, कोई नहीं रुका। बाद में एक बाइक पर कुछ लड़के थे जो रतलाम आ रहे थे, वे रुके व एंबुलेंस को फोन किया। इसके बाद जिला चिकित्सालय आए, तब तक मैरे सिर से पिता का साया उठ चुका था। समय पर मदद मिलती तो शायद वे बच जाते।

Published on:
10 Jan 2023 11:39 am
Also Read
View All

अगली खबर