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रतलाम नित्यानंद आश्रम के संत नर्मदानंदजी महाराज को मिला राज्यमंत्री का दर्जा

मध्य प्रदेश शासन ने नर्मदा किनारे पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता पर जन जागरुकता का अभियान चलाने के लिए विशेष समिति का गठन

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रतलाम। शहर के सागोद रोड स्थित नित्यानंद आश्रम के संत नर्मदानंद महाराज को राज्य शासन ने राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया है। संतों द्वारा निरंतर नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में पौधारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता के विषयों पर जन जागरूकता का अभियान चलाने के लिए विशेष समिति गठित की गई है। मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग अपर सचिव केके कातिया ने ३ अप्रैल को आदेश में बताया कि राज्य शासन द्वारा उक्त समिति के सदस्य नर्मदानंदजी महाराज, हरिहरानंदजी, कम्प्युटर बाबाजी, भय्युजी महाराज एवं पं. योगेंद्र महंत को राज्य सरकार के राज्यमंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया है।

आश्रम से जुड़़े भक्त राजेश सक्सेना ने बताया कि अवधुत नर्मदानंद बाबजी को मध्य प्रदेश शासन द्वारा राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान करना बड़े गर्व की बात है। सभी भक्तों गुरू भक्तों को गौरवान्वित किया है। बाबजी वर्तमान में नर्मदा परिक्रमा में भक्तों के साथ है। बाबजी को राज्यमंत्री का दर्जा मिलने पर आश्रम से जुड़े भक्तों में काफी हर्ष व्याप्त है।

जयंति पर गूंजे नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप
मालव केसरी गुरुदेव सौभाग्यमल महाराज की दीक्षा जयंति मंगलवार को जप-तप-त्याग-तपस्या और विभिन्न धार्मिक आराधना के साथ मनाई गई। यहां श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ द्वारा श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाईपुरा स्थानक पर नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप, श्री सौभाग्य चालीसा एवं गुरुगुणगान का आयोजन हुआ। सभा में श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ के महामंत्री अरविन्द मेहता ने सौभाग्यमल महाराज के जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्रीसंघ के पदाधिकारी, सदस्यगण आदि श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे। संचालन अणु मित्र मंडल के सुहास नरेन्द्र गांधी ने किया। इस प्रसंग पर श्रावक-श्राविकाओं ने विविध तपाराधना भी की। श्रीसंघ की ओर से प्रभावना वितरित की गई ।
श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष शैलेष पीपाड़ा, सचिव नरेन्द्र गांधी और प्रवक्ता ललित कोठारी व पवन कुमार कांसवा ने बताया कि स्थानकवासी परंपरा में विभिन्न सम्प्रदायों को एक कर एकता व समन्वय स्थापित कर श्रमण संघ बनाने में सौभाग्यमल महाराज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आपको वाणी का जादूगर कहा जाता था। आपके गुरु किशनलाल महाराज थे।

'नेम राजुल की प्रीत और वैराग्यÓ का नाट्य मंचन
भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक अन्तर्गत जैन जागृति महिला मंडल स्टेशन रोड द्वारा एक नृत्य नाटिका 'नेम राजुल की प्रीत और वैराग्यÓ का मंचन किया गया। प्रारंभ में भगवान महावीर की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन संस्था की वरिष्ठ सदस्यों द्वारा किया गया। मंगलाचरण विजया पोरवाल व स्नेहलता धाकड़ ने प्रस्तुत किया। पोरवाल ने संस्था की संक्षिप्त जानकारी दी और मंडल की अध्यक्षा सरला सकलेचा ने सभी को स्वागत उद्बोधन दिया। संचालन शशि कटारिया एवं आभार प्रियंका बाफना द्वारा किया। नृत्य नाटिका में भाग लेने वाले प्रतिभागी सुनीता मेहता, प्रियंका बाफना, सरला सकलेचा, शशि कटारिया, मंजू पोरवाल, उषा मेहता, रंजना गोलछा, सुरभि पोरवाल, सुधा मेहता, इंदु मेहता, पीनल चोपड़ा, विभाचोपड़ा, मयूरी जैन, सपना खाबिया, वर्षा मोदी, यशस्वी बाफना, ओजस बाफना और श्रेय मोदी को पुरस्कृत किया गया।