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रतलाम. बड़े पर्दे पर आई फिल्म जॉली एलएलबी-2 में एक मसले को लेकर जज के फैसले पर असंतोष के बाद वकील धरने पर बैठ जाते है, कुछ ही समय में जज भी धरना देने लगते है और इतिहास में पहली बार कोर्ट रातभर चलती है। इसी स्क्रीप्ट को दोहराता घटनाक्रम रतलाम में रीयल रील की तरह सामने आया है। स्कूली छात्रा से गैंगरेप करने वाले आरोपियों की पुलिस रिमांड नहीं मिलने से नाराज वकील गुरुवार को रातभर धरने पर बैठे रहे। कोर्ट रूम में ही सोए और सुबह उठकर परिसर में फिर धरने पर बैठ गए। बहरहाल, रतलाम के वकीलों की मांग पर पुलिस से लेकर न्यायालय तक सक्रिय हो गया है। अब आरोपियों की रिमांड 28 सितंबर तक मांगी जाने का आवेदन दिया गया है तो कोर्ट सीधे वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए आरोपियों की पेशी कर रिमांड दे सकती है।
17 घंटे से अधिक समय पर वकीलों का कोर्ट रूम में धरना
गुरुवार को शाम 4 से रातभर व सुबह 11 बजे तक करीब 17 घंटे से ज्यादा समय कोर्ट में हलचल रही। अभिभाषक गैंगरेप के आरोपियों को सीधे जेल भेजने के कोर्ट के निर्णय पर असंतोष जताकर धरने पर बैठ गए, जिसे रतलाम के इतिहास में सबसे बड़ा व लंबा धरना कहा जा रहा है। इस दौरान रात को दो जज भी अभिभाषकों से चर्चा के लिए पहुुंचे, लेकिन धरना समाप्त नहीं हुआ। रात को अभिभाषकों के साथ भाजपा के पदाधिकारी और सहायक संगठनों के प्रतिनिधि भी धरने मेंं शामिल हो गए।
प्रात: शुरू हुई बैठक में अभिभाषक संघ आगे का निर्णय कर रहा
वहीं, अभिभाषकों के कोर्ट रूम में धरने के चलते रात करीब 12 बजे प्रभारी नजारत ने एक पत्र अभिभाषक संघ अध्यक्ष को भेज दिया। पत्र में बताया कि अभिभाषक अविलंब कोर्ट परिसर खाली करें, कुछ अनहोनी हुई तो जवाबदेह वकील होंगे। वकीलों को करीब 30 मिनट का समय कोर्ट परिसर खाली करने के लिए दिया गया। इसके बाद अभिभाषकों की ओर से भी नजारत प्रभारी को जवाब के लिए पत्र की तैयारी शुरू हो गई। अभिभाषकों संघ अध्यक्ष दशरथ पाटीदार ने बताया कि हमारा धरना रातभर जारी रहा, शुक्रवार को प्रात: शुरू हुई बैठक में अभिभाषक संघ आगे का निर्णय कर रहा है।
Updated on:
27 Sept 2019 02:23 pm
Published on:
27 Sept 2019 01:19 pm
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