
jaipur will be 3D
जयपुर। शहर के हर इलाके, कॉलोनी, गली में बने निर्माण, खाली भूखंड और वहां की सडक़ चौड़ाई का ब्लू प्रिंट तैयार होगा। इसके लिए जेडीए पहली बार शहर का हवाई सर्वे कराएगा। इसके जरिए करीब 3 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की 3डी मैपिंग की जाएगी। इससे बिल्डिंग बायलॉज के आधार पर भूखंडों पर कितनी उंचाई निर्माण की अनुमति है, इसका तत्काल पता लगाया जा सकेगा।
इसके साथ ही निर्माणकर्ता बिल्डर, खरीददार व निवेशक तीनों को ऑनलाइन पता रहेगा कि संबंधित इमारत का निर्माण सही हुआ है या नहीं। साथ ही बिल्डिंग बायलॉज के विपरीत निर्माण करने वालों पर मॉनिटरिंग का शिकंजा कसा जा सके। आस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर की तर्ज पर जेडीए भी जयपुर में इसी तरह का बड़ी प्लानिंग का अमलीजामा पहनाने जा रहा है। जेडीसी ने इसके लिए टाउन प्लानर से मंथन शुरू कर दिया है। संभवतया अगले एक माह में इस पर काम शुरू हो जाएगा।
एडिलेड में यह है व्यवस्थाएं
एडिलेड सिटी काउंसिल की ओर से बिल्डिंग बायलॉज बनाए हैं। यहां हर इलाके और उसके भूखंड, भवन की जानकारी ऑनलाइन है, जो जेडीए में भी है। यहां हर भूखंड की वह जानकारी भी मोबाइल पर है, जिसमें घर बैठे पता किया जा सकता है कि संबंधित भूखंड पर कितनी उंचाई तक निर्माण की अनुमति मिल सकती है।
6 अन्य पर एमओयू
जेडीसी व अन्य दो अफसर पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के दौर पर गए थे। इस दौरान जेडीए और एडिलेड सिटी काउंसिल के साथ स्मार्ट सिटी पर सहयोग के लिए एमओयू किया गया। इस प्रस्ताव के तहत दोनों ही एजेंसियां द्विपक्षीय स्तर पर स्मार्ट सिटी बनाने में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।
समझें— खरीददार, बिल्डर, खरीददार, निवेशक को कैसे फायदा
उसे पता रहेगा कि जिस इलाक में वह भवन, इमारत या फ्लैट लेना चाहता है, वहां निर्माण अनुज्ञेय की क्या स्थिति होगी। बिल्डर झूठ नहीं बोल सकेंगे।
बिल्डर
किस इलाके में कौनसे भूखंड पर ज्यादा उंचाई निर्माण की अनुमति मिलेगी। जानकारी मोबाइल पर मिल जाएगी। बिल्डिंग बयलॉज के पन्ने पलटने या किसी नगर नियोजक से मिलने की जरूरत नहीं रहेगी।
निवेशक
देश या विदेश में कहीं से भी निवेश वाली प्रॉपर्टी का पता लगाया जा सकेगा, जिससे ज्याद से ज्यादा रिटर्न मिले। किसी के भरोसे रहने की जरूरत नहीं होगी।
एडिलेड सिटी काउंसिल ने शहर के हर प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए अनुज्ञेय उंचाई की जानकारी ऑनलाइन दे रखी है। यह वहां सुनियोजित विकास और बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार ही निर्माण के लिए बेहतर साबित हो रहा है। जयपुर में भी यह व्यवस्था लागू कर रहे हैं, इसके लिए हवाई सर्वे कराकर थ्रीडी मैपिंग की जाएगी।
- वैभव गालरिया, जेडीसी
Published on:
25 Oct 2017 02:44 pm
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