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आॅडिट में हुआ आम्रपाली ग्रुप की बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा, एससी ने कहा पूरे गिरोह का हो पर्दाफाश

फाॅरेंसिक आॅडिटर्स की बात सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली ग्रुप ने बड़ा धोखाधड़ी को अंजाम दिया है, यह एक बड़ा गिरोह है, जिसका पर्दाफाश होना चाहिए।

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Saurabh Sharma

Oct 25, 2018

Supreme Court

आॅडिट में हुआ आम्रपाली ग्रुप की बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा, एससी ने कहा पूरे गिरोह का हो पर्दाफाश

नर्इ दिल्ली। अाम्रपाली ग्रुप की मुश्किलों का अंत होता हुआ दिखार्इ नहीं दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फाॅरेंसिक आॅडिटर्स के बयानों के बाद कहा कि आम्रपाली ग्रुप ने निवेशकों के रुपयों के साथ बड़ा धोखा किया है। इस पूरे मामले में बड़े गिरोह के होने की आशंका है। जिसका पर्दाफाश किया जाना काफी जरूरी है। आॅडिटर्स के बयान आैर रिपोर्ट से इस बात की जानकारी मिली है कि ग्रुप ने निवेशकों के रुपयों को दूसरी कंपनियों को हेराफरी से पहुंचार्इ है। यहां तक की ग्रुप के आॅडिटर्स ने भी कर्इ तरह की जानबूझकर गलतियां की हैं। आपको बता दें कि आम्रपाली ग्रुप के मामले को जस्टिस अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ देख रही है। बुधवार को सुनवार्इ के दौरान फाॅरेंसिक आॅडिटर्स ने अब तक जांच की रिपोर्ट पीठ के सामने रखी थी। इससे पहले कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप से सभी दस्तावेज देने को कहा था। जिसकी फरेंसिक ऑडिटर्स उन दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।

100 करोड़ रुपए हेरा फेरी से दिए
फाॅरेंसिक आॅडिटर्स ने पीठ को बताया कि ग्रुप की एक कंपनी द्वारा गौरीसूत इन्फ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड को 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हेराफेरी से दी है। वहीं उन्हाेंने इस बात की भी जानकारी दी कि कानून के तहत नियुक्त कंपनी के ऑडिटरों ने भी कई गलतियां कीं और वे अपने कर्तव्यों का पालन करने में पूरी तरह विफल रहे। जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि निवेशकों के रुपयों जहां भी भेजा गया है निकालना होगा। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि फाॅरेंसिक आॅडिट में जो भी जिम्मेदार मिलता है उसे गिरफ्तार किया आैर अगर जरूरी हो तो जेल भी भेजा जाए।

शेल कंपनियां भी आर्इ सामने
सुप्रीम कोर्ट ने आॅडिटर्स की बात सुनने के बाद कहा कि आम्रपाली ग्रुप ने बड़ी धोखाधड़ी की है। यह एक बड़ा गिरोह है जिसका पर्दाफाश होना काफी जरूरी है। फाॅरेंसिक ऑडिटर्स ने कोर्ट ले जानकारी देते कहा कि उन्हें घर खरीदारों के रुपयों के हेरफेर करने की सूचना मिली है। जिसमें ग्रुप की कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। आॅडिटर्स ने बताया कि इस हेरा फेरी को करने में ग्रुप ने कुछ शेल कंपनियों का निर्माण किया। उसके बाद इस कारनामे को अंजाम दिया गया। कोर्ट ने फाॅरेंसिक ऑडिटर्स को गुरुवार तक अंतरिम रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसी दिन ही मामले की सुनवार्इ भी होगी।