
चैत्र नवरात्र घटस्थापना की 20 जरूरी सामग्री, विधि, शुभ मुहूर्त और मंत्र सबकुछ यहां जानिए
Chaitra Navratri 2022 Vidhi, Time, Samagri: चैत्र नवरात्रि इस बार 2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक रहेंगी। इसके पहले दिन विधि विधान कलश स्थापना की जाती है। घटस्थापना शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है। कहते हैं शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करने से मां अंबे की कृपा प्राप्त होती है। घट स्थापना में कई सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। साथ ही इसकी एक विधि होती है। यहां आप जानेंगे घटस्थापना की संपूर्ण पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मंत्र।
1. चौड़े मुँह वाला मिट्टी का एक बर्तन (जौ बोने के लिए)
2. साफ मिट्टी
3. सप्तधान्य (7 प्रकार के अनाज)
4. कलश मिट्टी का और कलश को ढकने के लिए ढक्कन
5. साफ जल और थोड़ा सा गंगाजल
6. कलश के मुंह में बांधने के लिए कलावा/मौली
7. सुपारी
8. आम या अशोक के पत्ते (पल्लव)
9. अक्षत (कच्चा साबुत चावल)
10. छिलके/जटा वाला नारियल
11. लाल कपड़ा
12. पुष्प और पुष्पमाला
13. दूर्वा
14. सिंदूर
15. पान
16. लौंग
17. इलायची
18. बताशा
19. मिठाई
20. मां दुर्गा की प्रतिमा
-सबसे पहले साफ मिट्टी को चौड़े मुँह वाले मिट्टी के बर्तन में रखें और उसमें सप्तधान्य बोएँ।
-अब उसके ऊपर जल से भरा कलश रखें। इस कलश में थोड़ा गंगाजल भी मिला लें।
-कलश के ऊपरी भाग (गर्दन) में कलावा बाँधें।
-अब आम या अशोक के पत्तों को कलश के ऊपर रखें और कलश को ढक्कन से ढक दें।
-ढक्कन पर गेहूं चावल आदि भर दें।
-अब जटा वाले नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर और पत्तों के बीच में
रख दें।
-नारियल पर कलावा भी लपेट दें।
-इस तरह से घटस्थापना की विधि पूरी होने के बाद देवी का आह्वान करें।
-इसके बाद फूल, माला, अक्षत, रोली इत्यादि चढ़ाएं।
-इसके बाद पान में सुपारी, लौंग, इलायची और बाताशा रखकर माता को चढ़ा दें।
-फिर भोग लगाएं और जल अर्पित कर दें।
-धूप-दीपक जलाकर कलश की आरती करें और माता अंबे की भी आरती उतारें।
-कई लोग नवरात्रि में नौ दिनों तक लगातार घी का दीपक जलाए रखते हैं।
चैत्र नवरात्रि घटस्थापना 2 अप्रैल 2022 शनिवार को है।
2 अप्रैल को घटस्थापना का पहला मुहूर्त 06:10 AM से 08:31 AM तक रहेगा।
घटस्थापना के लिए कुल 02 घण्टे 21 मिनट का समय मिलेगा।
2 अप्रैल को घटस्थापना का दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:00 PM से 12:50 PM तक रहेगा।
इस मुहूर्त की कुल अवधि 50 मिनट की रहेगी।
प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल 2022 को 11:53 AM बजे से हो जाएगी।
प्रतिपदा तिथि की समाप्ति 02 अप्रैल को 11:58 AM बजे होगी।
मां दुर्गा के मंत्र
-नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै'
-सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
-ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
यह भी पढ़ें: अप्रैल में वृषभ, सिंह समेत इन राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर और लव लाइफ में भाग्य का मिलेगा साथ
Updated on:
02 Apr 2022 07:15 am
Published on:
01 Apr 2022 01:59 pm

बड़ी खबरें
View Allधर्म और अध्यात्म
धर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
