
ज्येष्ठ माह प्रिय है हनुमानजी और भगवान भास्कर को, ऐसे मिलेगी कृपा।
इसलिए प्रिय है हनुमानजी को ज्येष्ठ का महीना
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार विशेष कारणों से ज्येष्ठ महीने में हनुमानजी, सूर्य देव और वरुण देव की विशेष उपासना की जाती है। इनकी पूजा और उपासना से ग्रह दोष से भी मुक्ति मिलती है। इसके पीछे यह वजह है कि ज्येष्ठ का महीना हनुमानजी को अत्यंत प्रिय है। क्योंकि इसी माह में प्रभु श्रीराम से उनकी पहली मुलाकात हुई थी। अपने नाम के अनुरुप ज्येष्ठ का महीना भगवान भास्कर के ज्येष्ठ रूप को भी प्रदर्शित करता है। इसलिए यह माह उनके लिए विशेष होता है। इस कारण हनुमानजी और सूर्य देव की पूजा से इस महीने विशेष फल मिलता है।
ग्रह दोष से भी मिलती है मुक्ति
ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ माह शुरू हो चुका है, जो 4 जून तक चलेगा। इस पवित्र महीने में पूजा-पाठ और दान-धर्म करने से कई प्रकार के ग्रह दोष से मुक्ति प्राप्त हो जाती है। साथ ही इस महीने में निर्जला एकादशी और गंगा दशहरा जैसे महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार मनाए जाते हैं, जिसके कारण यह महीना और अधिक खास हो जाता है। पं. शर्मा के अनुसार इस महीने में यह काम करना चाहिए।
इस महीने में यह काम करें (Jyeshth Mah Upay)
1. इस महीने बाल गोपाल का अभिषेक करना चाहिए
2. ज्येष्ठ महीने में भगवान को माखन मिश्री का भोग, शिवलिंग पर जल चढ़ाएं
3. पशु पक्षियों, जीव जंतुओं के लिए पानी की व्यवस्था करें
4. इस माह में जरूरतमंद लोगों को छाते, अन्न, पेय वस्तुओं आदि का दान भी किया जा सकता है। जिसे बेहद ही शुभ माना गया है।
5. किसी गौशाला में हरी घास का दान करें और गायों का ध्यान रखें।
इनकी जयंती मनेगी
विवाह मुहूर्त
8, 11, 16, 20, 21, 27, 29 और 30 मई।
इस महीने गृह प्रवेश मुहूर्त: 14, 15, 17, 20, 22, 25, 29, 31 मई।
इस माह के मुख्य व्रत और त्योहार
Updated on:
07 May 2023 06:16 pm
Published on:
07 May 2023 05:19 pm
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