
Monsoon 2022: मानसून 2022 को लेकर ज्योतिषियों का अनुमान, इस दिन से शुरू हो सकती है बारिश
Monsoon Update: देशभर में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर जारी है। सूर्य देव के कहर से हर जीव-जंतु बहाल है। गर्मी से सबसे ज्यादा उत्तर भारत के लोग परेशान हैं। यहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। भीषण गर्मी के कहर के बीच मानसून को लेकर भविष्यवाणी शुरू हो गई हैं। वैज्ञानिक और ज्योतिष दोनों ही स्तर पर वर्षा ऋतु के आगमन का आंकलन किया जा रहा है। तो जानिए मानसून 2022 को लेकर क्या है ज्योतिषियों की भविष्यवाणी।
मानसून की भविष्यवाणी करने में नक्षत्रों की अहम भूमिका:
-ज्योतिष अनुसार सौमंडल में ग्रह-नक्षत्रों के संयुक्त होने के कारण वर्षा के मेघ उत्पन्न होते हैं।
-आर्द्रा, आश्लेषा, उत्तराभाद्रपद, पुष्य, शतभिषा, पूर्वाषाढ़ा और मूल नक्षत्रों को जल के नक्षत्र के रूप में देखा जाता है।
-इन नक्षत्रों में कुछ विशेष ग्रहों के योग से वर्षा की भविष्यवाणी की जाती है।
-वहीं पंचांग अनुसार जब रोहिणी नक्षत्र का वास समुद्र में होता है तो घनघोर वर्षा के योग का निर्माण होता है।
-जब रोहिणी नक्षत्र का वास समुद्र तट पर होता है तो देशभर में खूब वर्षा होने के संकेत मिलती है जिससे देशवासियों को गर्मी से मुक्ति मिल जाती है।
-जब सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करता है और तब यदि आकाश में बादल छाए हुए हो तो प्रतिदिन वर्षा देखने को मिलती है।
-वहीं जब सूर्य रेवती नक्षत्र में प्रवेश करता है तो उस अवधि में अगर वर्षा हो जाती है तो उससे दस नक्षत्र आगे यानी रेवती से अश्लेषा तक वर्षा न होने के संकेत मिलते हैं।
मानसून का अनुमान लगाने में नवग्रहों की भूमिका:
-जब भी बुध और शुक्र किसी भी राशि में एक साथ होते हों और उन पर गुरु बृहस्पति की दृष्टि हो तो ये स्थिति अच्छी बारिश होने के संकेत देती है। लेकिन अगर इस दौरान शनि या मंगल जैसा कोई उग्र ग्रह अपनी दृष्टि डाल रहा हो तो इस स्थिति में वर्षा की उम्मीद ना के बराबर हो जाती है।
-यदि बुध और गुरु ग्रह किसी एक राशि में युति करें और उन पर शुक्र की दृष्टि हो तो ये इस योग में भी अच्छी वर्षा होने के उम्मीद की जा सकती है।
-यदि बुध, गुरु और शुक्र तीनों ग्रह एक ही राशि में रहकर त्रिग्रह योग बना रहे हैं तो उनपर किसी क्रूर ग्रह की दृष्टि होना महावर्षा का योग बनाएगा।
-शुक्र, शनि और मंगल एक राशि में युति करें और इस स्थिति में गुरु की दृष्टि उनपर पड़े तो ये योग भी घनघोर वर्षा होने के संकेत देता है।
-यदि सूर्य-गुरु या गुरु-बुध की एक राशि में युति बनें तो माना जाता है कि वर्षा तब तक नहीं रुकेगी जब तक बुध या गुरु में से कोई भी ग्रह अस्त अवस्था में ना चला जाए।
2022 में कब आ सकता है मानसून? ज्योतिष दृष्टि में आर्द्रा नक्षत्र वर्षा के लिए सबसे अनुकूल नक्षत्र माना जाता है। जब सूर्य देव आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश कर जाते हैं तो ये स्थिति वर्षा होने की संभावना बढ़ा देती है। साल 2022 में सूर्यदेव 22 जून को आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं और 6 जुलाई तक ग्रहों के राजा सूर्य देव इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। उसके बाद ये पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य देव का 15 दिनों तक आर्द्रा नक्षत्र में रहना भारत में वर्षा होने के योग बना रहा है। 22 जून से गर्मी का ताप कम होने के आसार रहेंगे। आर्द्रा नक्षत्र में सूर्य देव की 22 जून से 06 जुलाई 2022 तक उपस्थिति देशभर में मानसून होने के संकेत दे रही है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।)
Published on:
05 Jun 2022 10:59 am
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