
जया किशोरी और श्री श्री रविशंकर के मोटिवेशनल स्पीच और मोटिवेशनल कोट
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का कहना है कि हमेशा आराम की चाहत आपको आलसी बना देती हैं और हमेशा पूर्णता की चाह में आप क्रोधित हो जाते हैं। हमेशा अमीर बनने की चाहत आपको लालची बना देती है। इसलिए इन अवस्थाओं से बचने में ही भलाई है।
मोटिवेशनल स्पीकर और कथावाचक जया किशोरी का कहना है कि अगर जिंदगी को खुशहाल बनाना चाहते हो तो अपने विचारों को चुनना सीखो।
जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि का कहना है कि जीवन का प्रत्येक पल महत्वपूर्ण और संभावनाओं से युक्त है, श्रम, शक्ति, समय और संसाधनों का उचित उपयोग कर स्वयं में समाहित अनंत सामर्थ्य, अपूर्व ऊर्जा और परम आनंद का अनुभव करें।
इसके अलावा स्वामी अवधेशानंद का कहना है कि हानि लाभ, जय पराजय, सुख दुख, मान अपमान द्वंद्व सब मन की उपज हैं और जीवन यात्रा के अस्थाई पड़ाव हैं। सत्संग, स्वाध्याय और महापुरुषों के सानिध्य में यथार्थ बोध कर जीवन की धन्यता को अनुबूत करें। नित्य अनित्य का विवेक, आत्म जागरण की तत्परता ही सत्संग का फलादेश है।
योगी सद्गुरु के अनुसार आप चाहे जहां हों, आप चाहे जो हों, अगर प्रयत्न करने के लिए तैयार हैं तो आप खुद को प्रकृति की सीमाओं से परे विकसित कर सकते हैं। उनका यह भी कहना है काम और जीवन के बीच संतुलन बनाने जैसी कोई चीज नहीं होती, सब कुछ जीवन ही है। संतुलन तो आपके भीतर होना चाहिए।
इसके अलावा सद्गुरु कहते हैं शरीर व्यक्तिगत है, मन व्यक्तिगत है, लेकिन चेतना व्यक्तिगत नहीं हो सकती है यह सर्व समावेशी है।
Updated on:
21 Jun 2024 11:49 am
Published on:
13 Jul 2023 03:18 pm
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