धर्म और अध्यात्म

Nav Samvatsar 2080: इस बार नव संवत्सर 2080 में होंगे 13 महीने, दो महीने का होगा सावन, बरसेगी शिव की कृपा

Nav Samvatsar 2080 there will be 13 months, Sawan will be of two month: इस बार तीस साल बाद शनि अपनी ही राशि कुंभ में विराजमान, राहु, शुक्र मेष राशि में, केतु तुला में, मंगल मिथुन राशि में, सूर्य, बुध, गुरु मीन राशि में रहेंगे। इस नव संवत्सर पर 12 वर्ष बाद गुरु मीन राशि में होंगे। सूर्य, गुरु और बुध के बाद चंद्रमा भी बुधवार को इस राशि में आ जाएंगे। ऐसे में ग्रहों की युति से कई शुभ संयोग बन रहे हैं। दुर्लभ महासंयोग बन रहे हैं। ग्रहों का ये संयोग और महासंयोग इस नए साल में धनु, तुला, सिंह, मिथुन राशि वाले लोगों के लिए खुशखबरी लाने वाला साल साबित होगा।

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Mar 21, 2023

Nav Samvatsar 2080 there will be 13 months, Sawan will be of two month: नवरात्रि पर्व के साथ ही हिन्दु नव वर्ष या नव संवत्सर 2080 के स्वागत के लिए लोग तैयार हैं। सनातन धर्म के लोग बेसब्री से इस दिन का इंतजार करते हैं। यह नव वर्ष और नवरात्रि हिन्दु पंचांग के मुताबिक चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ शुरू हो जाते हैं। इस बार हिन्दु नव वर्ष पिंगल के नाम से जाना जाएगा, वहीं इस नव वर्ष के राजा बुध रहेंगे, तो शुक्र इस नव वर्ष के मंत्री का पद संभालेंगे। प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप पांडे के मुताबिक दोनों ही ग्रह आपस में मित्र हैं, इसीलिए हिंदु नव वर्ष को बेहद शुभ माना जा रहा है।

नए संवत्सर 2080 में कई ग्रह अपनी ही राशि में विराजमान हैं। इस बार तीस साल बाद शनि अपनी ही राशि कुंभ में विराजमान, राहु, शुक्र मेष राशि में, केतु तुला में, मंगल मिथुन राशि में, सूर्य, बुध, गुरु मीन राशि में रहेंगे। इस नव संवत्सर पर 12 वर्ष बाद गुरु मीन राशि में होंगे। सूर्य, गुरु और बुध के बाद चंद्रमा भी बुधवार को इस राशि में आ जाएंगे। ऐसे में ग्रहों की युति से कई शुभ संयोग बन रहे हैं। दुर्लभ महासंयोग बन रहे हैं। ग्रहों का ये संयोग और महासंयोग इस नए साल में धनु, तुला, सिंह, मिथुन राशि वाले लोगों के लिए खुशखबरी लाने वाला साल साबित होगा।

इस बार अधिमास है यह नववर्ष
यह नव संवत्सर इस बार अधिमास वाला रहेगा। इस बार साल में 12 नहीं बल्कि 13 महीने आएंगे। चैत्र माह (22 मार्च-6 अप्रैल), वैशाख- (7 अप्रैल- 5मई), ज्येष्ठ-(6 मई-4 जून ), आषाढ़-(5 जून-3 जुलाई ), श्रावण माह-(4 जुलाई-31 अगस्त )(अधिक मास होने के कारण सावन का महीना इस बार 60 दिन का रहेगा)। भाद्रपद-(1 सितंबर- 29 सितंबर), आश्विन-(30 सितंबर-28 अक्टूबर), कार्तिक-(29 अक्टूबर-27 नवंबर), मार्गशीर्ष-(28 नवंबर-26 दिसंबर), पौष-(27 दिसंबर 2023-25 जनवरी 2024), माघ-(26 जनवरी-24 फरवरी), फाल्गुन- (25 फरवरी- 25 मार्च 2024)

इस बार नौका पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा
चैत्र नवरात्रि पर इस साल मां दुर्गा नौका पर सवार होकर पृथ्वी लोक में भ्रमण करेंगी। जब भी बुधवार से नवरात्रि की शुरुआत होती है, तो मां दुर्गा पृथ्वी पर नौका पर सवार होकर ही आती हैं। दिन के अनुसार मां की सवारी का निर्धारण किया जाता है।

जानें घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

- घट स्थापना का समय: 22 मार्च सुबह 6 बजकर 23 मिनट से 7 बजकर 32 मिनट पर।
समयावधि रहेगी 1 घंटा 9 मिनट तक।

- यहां देखें चैत्र नवरात्रि 2023 का कैलेंडर

- 22 मार्च-नवरात्रि का पहला दिन- मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना या कलश स्थापना का दिन।

- 23 मार्च- नवरात्रि का दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का दिन।

- 24 मार्च- नवरात्रि का तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा की पूजा का दिन।

- 25 मार्च-नवरात्रि का चौथा दिन- मां कूष्मांडा की पूजा का दिन।

- 26 मार्च-नवरात्रि का पांचवां दिन- मां स्कंदमाता की पूजा का दिन।
- 27 मार्च-नवरात्रि का छठा दिन- मां कात्यायनी की पूजा का दिन।

- 28 मार्च-नवरात्रि का सातवां दिन- मां कालरात्रि की पूजा का दिन।

- 29 मार्च-नवरात्रि का आठवां दिन- मां महागौरी की पूजा का दिन।

- 30 मार्च-नवमी तिथि (नौंवी)- मां सिद्धिदात्री की पूजा का दिन और राम नवमी का दिन।

नोट- अष्टमी 29 मार्च को
इस बार अष्टमी तिथि 29 मार्च की शाम 7 बजकर 2 मिनट से रात 9 बजकर 7 मिनट तक रहेगी।

- उदयातिथि 29 को अष्टमी होगी। इस दिन शोभन व रवि योग बन रहा है।

- नवमी तिथि 29 की रात 9 बजकर 7 मिनट से शुरू होकर 30 की रात 11 बजकर 30 मिनट पर संपन्न होगी।

Published on:
21 Mar 2023 04:50 pm
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