
सद्गुरु जीवी के विचार योग प्यार सफलता और जीवन पर
1. जीवन का लक्ष्य मुक्ति है, न कि नियंत्रण या सत्ता। इसका लक्ष्य अपने आप से , अर्जित की हुई चीजों से , शरीर और मन के तौर तरीकों से और जीवन के ध्रुवीकरण से मुक्त होना है।
2. अगर आप आनंद चाहते हैं तो आपको भीतर की तरफ झांकना होगा, क्योंकि आनंद यहीं होता है।
3. अगर आपकी खुशी इस बात पर निर्भर करती है कि बाहर क्या हो रहा है, तो आप हमेशा बाहरी परिस्थितियों के गुलाम बने रहेंगे।
4. जब तक आप यह सोचते है कि आप जैसे है, उसके लिए कोई दूसरा जिम्मेदार है, तब तक आप वैसे नहीं बन सकते जैसा आप बनना चाहते हैं।
5. आप जिस चीज पर ध्यान देने का चुनाव करते हैं, वही आपके जीवन की क्वालिटी तय करती है।
6. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जीवन आप के ऊपर क्या फेंकता है, आपके पास यह चुनने की आजादी होती है कि उसको कैसे रिस्पॉन्ड करना है। अगर आप चुनने की इस आजादी का हमेशा इस्तेमाल करते हैं तो आप एक सफल इंसान हैं।
7. हमेशा यह देखें कि आप अपने आसपास के लोगों के लिए सबसे अच्छा क्या कर सकते हैं। अर्पण की यह भावना आपको रोशन कर देगी।
8. आध्यात्मिकता कोई अपंगता नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि आप क्या नहीं कर सकते, बल्कि आप जो सब कुछ कर सकते हैं यह उसके बारे में है।
9. जब उल्लास चरम पर होता है तो यह आपके शरीर में नृत्य के रूप में अभिव्यक्त होता है।
10. योग अपने अंदर पूर्ण संतुलन, गहरी स्पष्टता और असीम उत्साह व उल्लास पैदा करने के लिए होता है। इससे आप जीवन के लिए जबरदस्त तरीके से तैयार हो जाते हैं।
11. प्रेम जरूरत नहीं बल्कि एक चाह है। जब आप प्रेम करते हैं, तब आप स्थिर हो जाते हैं फिर किसी और चीज की जरूरत नहीं रह जाती।
Updated on:
08 May 2023 10:08 pm
Published on:
08 May 2023 10:07 pm
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