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भारत की वो अनोखी जगह जहां स्वयं महादेव करते हैं प्रेमी युगलों की रक्षा

शंगचुल महादेव का मंदिर हमेशा से प्रेमी जोडिय़ों को अपने यहां पर आश्रय देने के लिए प्रसिद्ध है।

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Ravi Gupta

Jan 05, 2018

temple

नई दिल्ली। भारत एक ऐसा देश है जहां पर कई धर्म और सम्प्रदाय को मानने वाले लोग एक साथ रहते हैं। हर सम्प्रदाय कीअपनी कुछ रीतियां है जिसका पालन लोग काफी गंभीरता से करते हैं। यहां पर कुछ ऐसी चीज़े विद्यमान है जिनके बारे में जानकर हमें वाकई में हैरानी होती है। आज भी किसी ऐसी ही चीज़ के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। ये बात है हिमाचल प्रदेश की,जो कि अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है और साथ ही यहां पर प्रचलित मान्यताएं भी लोगों के बीच काफी मशहूर है।

हिमाचल के कूल्लू के शांघड गांव में स्थित शंगचुल महादेव का मंदिर हमेशा से प्रेमी जोडिय़ों को अपने यहां पर आश्रय देने के लिए प्रसिद्ध है। लोगों के बीच मान्यता है कि पांडवों के समय से ही यहां पर कई सारी ऐतिहासिक धरोहरें है जिन्हें आज भी लोग अच्छे से सजोएं हुए हैं। शंगचुल महादेव के मंदिर की ये विशेषता है कि यहां पर यदि कोई प्रेमी जोड़ा भाग कर आता है तो उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। मंदिर की सीमा में पहुंच जाने के बाद इनके परिजन भी इनसे कुछ नहीं कह सकते हैं। शंगचुल महादेव का मंदिर करीब 100 बीघा जमीन में बसा हुआ है।

यदि कोई प्रेमी युगल इस सीमा तक आ जाता है तो यहां लोग ये मानते है कि वो शंगचुल महादेव में शरण में जा बसे हैं जिसके चलते लोग उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाते। इस गांव में पुलिस का आना भी मना है और केवल इतना ही नहीं यहां शराब,सिगरेट या चमड़े का सामान लेकर आने की भी मनाहीं है। यहां पर कोई हथियार लेकर नहीं आ सकता है और न हीं किसी से झगड़ा या ऊंची आवाज में बात कर सकता है। यहां पर जो भी प्रेमी युगल आते हैं, इस मंदिर के पंडित उनका आदर सत्कार करते हैं।

यहां के लोग कहते हैं कि अज्ञातवास के समय पांडव कुछ समय के लिए इस गांव में आए थँे और उसके बाद कौरव भी उनका पीछा करते हुए इस गांव में आ पहुंचा। तब शंगचुल महादेव ने कौरवों को रोका और कहा कि पांडव अभी मेरे क्षेत्र में है और जो भी मेरी शरण में आएगा उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसके बाद कौरव वहां से लौट गए। तब से आज तक समाज का ठुकराया हुआ कोई भी व्यक्ति यदि इस मंदिर में आ जाता है तो उसका कोई कुछ बुरा नहीं कर सकता है।