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2022 का तीसरा ग्रहण भारत में देगा दिखाई, मान्य होगा सूतक काल, बरतें ये सावधानियां

Eclipse 2022: पिछले दो ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दिए थे लेकिन ये सूर्य ग्रहण भारत के कुछ क्षेत्रों में देखा जाएगा।

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2022 का तीसरा ग्रहण भारत में देगा दिखाई, मान्य होगा सूतक काल, बरतें ये सावधानियां

Solar Eclipse 2022 Or Surya Grahan 2022 Date: साल 2022 में कुल 4 ग्रहण लगने हैं। जिनमें दो सूर्य ग्रहण हैं और दो चंद्र ग्रहण। एक चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण बीते समय में लग चुका है। अब आने वाले समय में सूर्य ग्रहण लगने वाला है जो 25 अक्टूबर को घटित होगा। पिछले दो ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दिए थे लेकिन ये सूर्य ग्रहण भारत के कुछ क्षेत्रों में देखा जाएगा। इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य होगा। ये एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। जानिए ग्रहण के बारे में पूरी डिटेल।

कब और कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण? 25 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत समेत यूरोप, अफ्रीका महाद्वीप का उत्तरपूर्वी भाग, एशिया का दक्षिण-पश्चिमी भाग और अटलांटिक में दिखाई देगा। ग्रहण की शुरुआत 25 अक्टूबर की शाम 4 बजकर 29 मिनट से होगी और समाप्ति 5 बजकर 42 पर होगी। ये इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा।

कैसे लगता है सूर्य ग्रहण: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। सूर्य ग्रहण उस स्थिति में लगता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है। इस दौरान सूर्य की किरणें धरती तक नहीं पहुंच पाती है और इसे ही हम सूर्य ग्रहण कहते हैं। वहीं जब चंद्रमा सूर्य के पूरे भाग को न ढकते हुए सिर्फ उसके कुछ ही भाग को ढकता है ऐसे स्थिति को आंशिक सूर्यग्रहण कहते हैं। इसी तरह जब चंद्रमा सूर्य के सिर्फ बीच वाले भाग को ढकता है तो इस स्थिति को वलयाकार सूर्यग्रहण कहते हैं।

सूतक काल और ग्रहण काल में क्या न करें?
-सूतक काल में किसी भी गर्भवती महिला को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और इस दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। कहते हैं अगर गर्भवती महिला ग्रहण काल में घर से बाहर जाती है तो ग्रहण की छाया का उसके गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है।
-सूतक काल में दांतों की सफाई और बालों में कंघी न करने की भी मान्यता है। सूतक काल चल रहा हो तो सोने से भी बचें।
-इस दौरान शुभ कार्य नहीं करने चाहिए और न ही भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना चाहिए।
-ग्रहण काल में तुलसी के पौधे को भी स्पर्श नहीं करना चाहिए।
-गर्भवती महिलाओं को सूतक काल और ग्रहण काल में काटने, छीलने या सिलने का काम नहीं करना चाहिए।
-इस दौरान भोजन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर के लिए नुकसानदायक माना गया है।
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(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।)

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