
shubh muhurt
तिथि : पूर्णिमा तिथि प्रात: 10.53 तक, इसके बाद मार्गशीर्ष मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी। पूर्णिमा तिथि में मांगलिक, अलंकार, चित्रकारी, प्रतिष्ठा, यज्ञकर्म और घर सम्बंधी कार्य और कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा में विवाह, यात्रा, प्रतिष्ठा, वास्तु और पौष्टिक कार्यादि शुभ होते हैं। नक्षत्र: भरणी 'उग्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र रात्रि 1.06 तक, तदन्तर कृतिका 'मिश्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र है। भरणी नक्षत्र में उग्र व साहसिक कार्य, शत्रुनाश, बंधन व कुआ, ताालाब, आदि बनवाना और कृतिका नक्षत्र में सभा-साहस, विवाद व अग्निग्रहण आदि कार्य सिद्ध होते हैं। योग: सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग प्रात: 7.12 तक, तदुपरांत अंतरात्रि 3.24 तक व्यतिपात नामक उपद्रवकारी अशुभ योग है। इसके बाद वरियान नामक शुभ योग रहेगा। व्यतिपात योग की समस्त घटियां समस्त शुभ कार्यों में सर्वथा वर्जित है। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: प्रात: 6.46 पर बुध अनुराधा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। करण: बव नामकरण प्रात: 10.56 तक, इसके बाद बालवादि करण रहेंगे।
शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त
नहीं है।
श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: 8.04 से 9.26 तक शुभ तथा दोपहर 12.10 से सायं 4.16 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11.48 से दोपहर 12.32 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारंभ के लिए अत्युत्तम हैं।
आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (लि,लू,ले,लो,अ) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: 6.28 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि मेष है। इनका जन्म स्वर्णपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक धर्मपरायण, बुद्धिमान, सत्यवादी, सुखी, सुमार्गी पर अस्थिर मन-मस्तिष्क, कामलोलुप और दीर्घायु होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 25 वर्ष की आयु तक होता है। मेष राशि वाले जातकों को आज व्यापार व्यवसाय में प्रगति होगी। साझीदार लाभदायक है। स्वयं बिगाड़ न करें।
व्रतोत्सव: आज कार्तिक पूर्णिमा, सत्यव्रत, गुरुनानक जयंती, देव दिवाली, कार्तिक स्नान व भीष्म पंचक व्रत समाप्त, जैन आई व मेला पुष्कर (अजमेर) पूर्ण, मन्वादि, रथयात्रा व हेमचंद सूरी जयंती (जैन), निम्बार्काचार्य जयंती, केदार व्रत (उड़ीसा) तथा व्यतिपात पुण्यं है। चन्द्रमा: चन्द्रमा अंतरात्रि सूर्योदय पूर्व प्रात: 6.28 तक मेष राशि में, इसके बाद वृष राशि में प्रवेश। दिशाशूल: शनिवार को वैसे पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज मेष राशि के चन्द्रमा का वास पूर्व दिशा की यात्रा में सम्मुख होगा। यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा धनलाभ कराने वाला व शुभ माना जाता है।
Published on:
04 Nov 2017 10:24 am
बड़ी खबरें
View Allधर्म और अध्यात्म
धर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
