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घर के पूजा स्थल पर न रखें देवी-देवताओं की इस रूप में मूर्ति,अन्यथा…

- सनातन धर्म में 33 कोटि देवी-देवता माने गए हैं।

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Deepesh Tiwari

Oct 29, 2022

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सनातन धर्म में हर रोज देवी-देवताओं की पूजा का विधान है। ऐसे में घर और मंदिर दोनों स्थानों पर देवी-देवताओं की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करने के बाद ही पूजा की जाती है। हमारे धार्मिक ग्रंथों में 33 कोटि देवी-देवता माने गए हैं। लेकिन प्रमुख देवों में केवल आदि पंचदेव आते हैं, जबकि त्रिदेवों में केवल जीन दव ही आते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देवों सहित देवियों के कुछ रूपों की घर के पूजा घर में न तो पूजा की जाती है और न ही तस्वीर तक रखी जाती है। तो चलिए आज जानते हैं कि देवी-देवताओं की वह कौन सी मुद्रा है जिन्हें घर के पूजा घर में रखना तक वर्जित माना गया है।

शंकर की नटराज मूर्ति-

भगवान शिव की नृत्य करती हुई प्रतिमा यानी उनकी नटराज मुद्रा की मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए। माना जता है कि भगवान शंकर नृत्य तभी करते हैं जब वो अत्यधिक क्रोध में होते हैं।

इसलिए घर पर भगवान शंकर की तांडव करते हुए मूर्ति रखना या कोई तस्वीर लगाना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि इससे परिवार में मनमुटाव और मतभेद होते हैं।

लक्ष्मी माता की खड़ी मुद्रा
आपको आश्चर्य होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि लक्ष्मी माता की खड़ी मुद्रा में मूर्ति या तस्वीर घर में नहीं रखनी चाहिए। यदि आपके घर के पूजा स्थल पर माता लक्ष्मी खड़ी मुद्रा में है, तो मान्यता के अनुसार यह धन को लेकर अच्छे संकेत नहीं है। माना जाता है कि ऐसा होने पर धन आपके हाथों में ठहर नहीं पाता।

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महाकाली-

देवी महाकाली आदिशक्ति पार्वती का स्वरुप हैं। उन्होंने दैत्यों का सर्वनाश करने के लिए ये रूप धारण किया था। महाकाली का क्रोध अपार है। उनके क्रोध को आसानी से शांत नहीं किया जा सकता है। आप कोशिश करें कि घर में महाकाली या किसी भी देवी देवता की क्रोध वाली मुद्रा में कोई भी मूर्ति ना रखें, हां माता काली की सौम्य मुद्रा वाली तस्वीर आप रख सकते हैं।

माना जाता है कि क्रोध वाली मुद्रा की तस्वीर या मूर्त रखने से परिवार के सदस्यों को बात-बात पर गुस्सा आएगा और लड़ाई झगड़े होंगे, इसलिए घर पर सिर्फ सौम्य मूर्तियों को रखें।

शनि देव की मूर्ति-
शनिदेव को न्याय प्रिय बताया गया है। लेकिन उनकी पत्नी द्वारा उन्हें दिए गए श्राप के कारण उनकी दृष्टि श्रापित है। ऐसे में यदि आप गलती से भी शनि देव की आंखों में देखेंगे तो आपके बुरे दिन शुरू हो जाएंगे। इसलिए हमेशा उनके चरणों को देखकर उन्हें नमन करना चाहिए। शनिदेव की मूर्ति पूजा भी घर में नहीं होनी चाहिए। शनि देव को घर में रखने से उनकी दृष्टि हमारे घर के सभी सदस्यों पर पड़ती है जो कि एक शुभ संकेत नहीं माना जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से आप की हानि हो सकती है।

राहु या केतु की मूर्ति से जुड़ी ये बात भी समझ लें
राहु या केतु की मूर्ति पूजा घर में तभी की जा सकती है जब आप नौ ग्रह की पूजा कर रहे हैं। लेकिन कभी इनकी अकेली मूर्ति नहीं की जानी चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।


इन बातों का भी रखें खास ध्यान

- घर पर दो शिवलिंग कभी भी नहीं होने चाहिए।
- दो शालिग्राम की पूजा भी घर पर नहीं करनी चाहिए।
- गणेश भगवान की तीन मूर्तियां नहीं होनी चाहिए।
- दो शंख नहीं रखने चाहिए।
- दो सूर्य की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए।

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