
चाणक्य नीति: इन 4 कार्यों को करने के बाद स्नान करना होता है जरूरी
आचार्य चाणक्य ने समाज कल्याण से जुड़ी कई नीतियों के बारे में बताया है। चाणक्य नीति में जीवन को सुखमय बनाने के लिए कई उपयोग सुझाव दिए गए हैं। कहा जाता है जो व्यक्ति इनकी नीतियों का अच्छे से अनुसरण कर लेता है उसके जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। चाणक्य नीति के आठवें अध्याय के छठे श्लोक में बताया गया है कि ऐसे कौन से 4 काम हैं जिन्हें करने के बाद इंसान को तुरंत नहा लेना चाहिए।
तैलाभ्यङ्गे चिताधूमे मैथुने क्षौर कर्मणि।
तावद्भव्ति चाण्डालो यावत्स्नानं न समाचरेत्।।
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति जब तक मालिश करने के बाद, स्मशान घाट में चिता का धुआँ शरीर पर आने के बाद, सम्भोग के बाद, दाढ़ी बनाने के बाद स्नान नहीं कर लेता तब तक वह चांडाल ही माना जाता है।
आपने अक्सर अपने बड़े बुजुर्गों को कहते सुना होगा कि शमशान घाट से आने के बाद तुरंत स्नान कर लेना चाहिए। ऐसा कहने के पीछे कई कारण छिपे होते हैं। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि शमशान घाट पर विभिन्न प्रकार के किटाणु मौजूद होते हैं। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए तुरंत स्नान करना हमारी सेहत को उन किटाणुओं ले होने वाले नुकसान से बचा सकता है।
इसी तरह से बाल कटवाने के बाद भी तुंरत नहाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि जब आप बाल कटवाते हैं तो छोटे-छोटे बाल शरीर पर चिपक जाते हैं। जो हमें चुभन महसूस करा सकते हैं। ऐसे में जब तक व्यक्ति नहा नहीं लेता उसे उलझन सी महसूस होती रहती है। इसलिए बाल कटवाने के बाद भी तुरंत नहाने की सलाह दी जाती है।
कहते हैं संभोग के बाद भी तुरंत नहा लेना चाहिए। क्योंकि इसके बाद पवित्रता भंग हो जाती है। मालिश के बाद तुरंत इसलिए नहाना चाहिए क्योंकि मालिश के बाद शरीर के छिद्र खुल जाते हैं जिससे अंदर की गंदगी बाहर आ जाती है। ऐसे में नहाने से त्वचा में चमक आती है।
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Updated on:
03 Mar 2022 06:02 pm
Published on:
03 Mar 2022 05:57 pm

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