Chaturmas : संतान प्राप्ति की कामना है, तो अगले चार महीने के लिए त्याग दें ये चीज़

Chaturmas : संतान प्राप्ति की कामना है, तो अगले चार महीने के लिए त्याग दें ये चीज़

Tanvi Sharma | Publish: Jul, 14 2019 05:20:08 PM (IST) धर्म

चातुर्मास मास में ना करें ये काम

देवशयनी एकादशी के दिन से सभी शुभ कार्य चार माहीने के लिए निषेध माने जाते हैं। एकादशी के दिन से ही चातुर्मास महीने ( chaturmas ) की शुरूआत हो जाती है। इस साल 12 जुलाई से चातुर्मास शुरू हो चुका है। धर्म के अनुसार चातुर्मास 4 महीने का ऐसा समय होता है, जिसमें सृष्टि के पालनहार यानी भगवान विष्णु क्षीर सागर में निद्रा के लिए चले जाते हैं। भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक सागर में आराम करते हैं।

मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से जब भगवान विष्णु आराम करने क्षीरसागर चले जाते हैं तब से 4 महीने तक कोई भी शुभ कार्य नहीं होते हैं। चातुर्मास के 4 माह में विवाह संस्कार, संस्कार, गृह प्रवेश आदि सभी मंगल कार्य निषेध माने गए हैं। देवोत्थान एकादशी के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत दोबारा फिर से हो जाती है। लेकिन इन चार माह का हिंदू धर्म में काफी अधिक महत्व माना जाता है। क्योंकि चातुर्मास में पूजा-पाठ अधिक से अधिक की जाती है और इस माह में विशेष व सभी मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।

पढ़ें ये खबर - Guru purnima 2019 : धूनिवाले दादाजी माने जाते थे शिव जी का अवतार, गुरू पूर्णिमा पर यहां लगती है भक्तों की भीड़

chaturmas 2019

चातुर्मास मास में ना करें ये काम

- चातुर्मास मास के पहले महीने सावन में हरी सब्जी का त्याग करना चाहिए।
- चातुर्मास के दूसरे महीने भादौ में दही का त्याग कर देना चाहिए।
- तीसरे महीने यानी आश्विन माहीने में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।
- अंतिम मास, कार्तिक मास में दाल नहीं खाना चाहिए।
- इसके अलावा चातुर्मास में पान मसाला, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।

स्वेच्छा से नियमित उपयोग के पदार्थों का त्याग करने पर अनेक लाभ होते है। लेकिन इसके साथ-साथ भगवान के प्रति आस्ता और श्रद्धा के साथ उनकी पूजा अर्चना करने का भी विधान है।

मधुर स्वर के लिये चातुर्मास में गुड़ का त्याग करें, लंबी उम्र और संतान प्राप्ति के लिये तेल का त्याग करें, शत्रु बाधा से मुक्ति के लिये कड़वा तेल त्यागें, और सौभाग्य के लिये मीठे तेल का त्याग करें।

पढ़ें ये खबर - Sawan shiv abhishek : सावन माह में 22, 29, 05 और 12 इन तारीखों को जरूर करें ये काम

chaturmas 2019

चातुर्मास के चारों माहीनों का महत्व

चतुर्मास के हर महीने का अपना महत्व बताया गया है। पहला महीना सावन का होता है और सावन माह में शिव की भक्ति होती है क्योकि इस माह में शिव जी प्रसन्न होते हैं व मनचाहा वरदान देते हैं। दूसरा माह भाद्रपद होता है और इस माह में श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है। तीसरा माह अश्विन होता है जिसमें कृष्ण पक्ष में पितरों को पूजा जाता है। वहीं चौथा माह कार्तिक माह कहलाता है जिसमें शालीग्राम और तुलसी मैया की पूजा की जाती हैं इस माह में तुलसी विवाह का बहुत महत्व है। जिसे देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned