
janm kundli rashifal in hindi daily horoscope
पंचमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि ८.४६ तक, तदन्तर षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। पंचमी तिथि में यथाआवश्यक सभी चर-स्थिर कार्य, सभी शुभ व मांगलिक कार्य और वास्तु सम्बंधी कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। पर पंचमी तिथि में ऋण नहीं देना चाहिए। षष्ठी तिथि में वास्तु, अलंकार व विवाहादि कार्य शुभ कहे गए हैं। यात्रा, उबटन व काठ की दातुन वर्जित है। नक्षत्र: मृगशिर ‘मृदु व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि ९.१५ तक, इसके बाद आर्द्रा ‘तीक्ष्ण व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। मृगशिर नक्षत्र में यथाआवश्यक विवाह, यज्ञोपवीत, यात्रा, देवप्रतिष्ठा, वास्तु और कृषि सम्बंधी कार्य शुभ कहे गए हैं। आर्द्रा में बंधन, मारण, अग्नि-विषादिक कार्य सिद्ध होते हैं। विवाहादि शुभ कार्य वर्जित हैं।
योग: शोभन नामक नैसर्गिक शुभ योग प्रात: ११.११ तक, इसके बाद अतिगंड नामक नैसर्गिक अशुभ योग हैं। अतिगंड नामक योग की प्रथम ६ घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग रात्रि ९.१५ से है। रवियोग- तिथि, वार, नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। करण: बव नामकरण प्रात: ९.५७ तक, इसके बाद बालवादि करण रहेंगे।
शुभ मुहूर्त: आज मृगशिरा नक्षत्र में विवाह, व्रतबंध, गृहारम्भ, गृहप्रवेश, देवप्रतिष्ठा, विपणि-व्यापार आरम्भ, मशीनरी प्रारम्भ, वाहनादि क्रय, नामकरण, अन्नप्राशन, प्रसूतिस्नान, द्विरागमन, विद्यारम्भ, मुण्डन, कर्णवेध, सगाई, हलप्रवहण व वधू प्रवेशादि के शुभ मुहूर्त हैं।
श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से पूर्वाह्न १०.५० तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत, दोपहर १२.२६ से दोपहर बाद २.०२ तक शुभ तथा सायं ५.१३ से सूर्यास्त तक चर के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०० से १२.५१ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।
व्रतोत्सव: आज श्री आद्य शंकराचार्य व संत सूरदास जयंती है। आज से ग्रीष्म ऋतु प्रारम्भ होगी। प्रात: ८.४२ पर सूर्यदेव सायन वृष में प्रवेश करेंगे। चन्द्रमा: चन्द्रमा प्रात: १०.०३ तक वृष राशि में, इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश कर लेगा। दिशाशूल: शुक्रवार को वैसे पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। आज प्रात: १०.०३ तक चन्द्रमा का वास दक्षिण दिशा में, इसके बाद मिथुन राशि के चन्द्रमा का वास पश्चिम दिशा में रहेगा। यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा धन लाभ कराने वाला व शुभप्रद माना जाता है। राहुकाल: प्रात: १०.३० से दोपहर १२.०० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।
आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (वो, क, कि, कू, घ, ङ) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। प्रात: १०.०३ तक जन्मे जातकों की जन्म राशि वृष व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि मिथुन है। रात्रि ९.१५ तक जन्मे जातकों का जन्म स्वर्णपाद से व इसके बाद जन्मे जातकों का जन्म रजतपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक स्वाभिमानी, दीर्घायु, उत्साही, धनवान व शांतिप्रिय होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २८ वर्ष की आयु तक होता है। वृष राशि वाले जातकों को अच्छा धनलाभ होगा। विवाह योग्य युवक-युवतियों के सम्बंध निश्चित होने के पूर्ण अवसर हैं।
Published on:
20 Apr 2018 09:29 am

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