
नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि १०.३६ तक, तदुपरान्त दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि है। नवमी तिथि में वैसे आखेट, मद्य, जुआ, शत्रुमर्दन, बंधन और अभिघातादिक कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं। शुभ कार्य वर्जित कहे गए हैं। पर दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि में यथा आवश्यक विवाह, गृहारम्भ,>प्रवेश, पौष्टिक, प्रतिष्ठा तथा अन्य घरेलू उत्सवादि शुभ होते हैं। नक्षत्र: रोहिणी ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र पूर्वाह्न ११.२८ तक, इसके बाद मृगशिर ‘मृदु व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। रोहिणी नक्षत्र में सभी पौष्टिक, विवाह, देवगृह, देवकृत्य व अलंकारादिक कार्य और मृगशिर नक्षत्र में विवाह, यज्ञोपवीत, यात्रा, देवप्रतिष्ठा, वास्तु और कृषि सम्बंधी कार्य करने योग्य हैं। योग: विष्कुंभ नामक नैसर्गिक अशुभ योग रात्रि १२.५५ तक, तदन्तर प्रीति नामक नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: आज अमृत सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग सूर्योदय से पूर्वाह्न ११.२८ तक, इसके बाद ११.२८ तक ज्वालामुखी नामक अत्यंत अशुभ योग भी है। रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग पूर्वाह्न ११.२८ से प्रारम्भ। करण: बालव नाम करण पूर्वाह्न ११.४० तक, इसके बाद कौलवादि करण हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ८.२५ से ९.५० तक शुभ तथा दोपहर १२.४० से सायं ४.५५ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.१७ से दोपहर १.०३ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ महूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज विवाह रोहिणी व मृगशिर नक्षत्रों में तथा वधू प्रवेश का दशमी, मृगशिरा नक्षत्र में शुभ मुहूर्त है।

व्रतोत्सव: आज आनन्दा नवमी, श्री हरि जयंती, रोहिणी व्रत (जैन), ब्रज में होली प्रारंभ तथा बरसाना में होली आज है। चन्द्रमा: चन्द्रमा रात्रि १०.४० तक वृष राशि में, इसके बाद मिथुन राशि में रहेगा। दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: प्रात: ९.०० से १०.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।