
allahabads lady doctor found 4 gold 22 certificates know why
रीवा। मेडिकल की पढ़ाई में अथक मेहनत कर डॉक्टर बनने का गौरव तो सभी प्राप्त कर लेते हैं लेकिन विरले ही होते हैं, जो मेधावी छात्र के सम्मान से नवाजे जाते हैं। 1999 बैच की ऐसी ही मेधावी छात्रा हैं डॉ. अनुभा श्रीवास्तव। जिन्हें शनिवार को श्यामशाह मेेडिकल कॉलेज की अवार्ड सेरेमनी में 4 गोल्ड मेडल और 22 सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। यह सम्मान मध्य प्रदेश के उद्योगमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के हाथों दिया गया।
तेरह साल बाद मिले सम्मान को पाकर वह गुरुजनों, अतिथियों और मेडिकल छात्रों से खचाखच भरे सभागार में भावुक हो गई। इस मेधावी ने अपनी मेहनत और लगन को पूरा श्रेय दिया।बोलीं, मंजिल उन्हें मिलती है जिनमें जान होती है पंख से कुछ नहीं होता है हौसलों से उड़ान होती है।
उनके बैच के अन्य मेधावी छात्रों ने सहपाठी की उपलब्धियों पर खुलकर तारीफ की। वे भी सम्मान लेने के लिए रीवा पहुंचे थे। उनके बैच के अन्य मेधावियों मेंंं डॉ. रीता सिंह, डॉ. आशुतोष आत्रे, डॉ. अखिलेश दुबे, डॉ. मोहिता पांडेय, डॉ. सुनील कुमार राव और डॉ. नितिन राठी को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. मोहिता पाण्डेय ने सहपाठी डॉ. अनुभा श्रीवास्तव को गले लगा लिया। उस दौर की यादें ताजा करते हुए कहा कि उस समय श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में आज जैसे सुविधाएं नहीं थी लेकिन पढ़ाई का माहौल बेहतर था। प्राध्यापक समय के पाबंद थे। क्लास उनकी प्राथमिकता में होती थी। गजब का अनुशासन होता था। प्रैक्टिकल पर बहुत ध्यान देते थे। पढ़ाई में पूरे दिन डूबे रहते थे।
इन सम्मानों से नवाजा गया
डॉ. अनुभा श्रीवास्तव को फस्र्ट रैंक इन फाइनल एमबीबीएस के लिए महाराजा गुलाब सिंह गोल्ड मेडल, फस्र्ट रैंक इन सर्जरी के लिए स्वामी प्रणवानंद गोल्ड मेडल, फस्र्ट रैंक इन आफ्थैल्मोलॉजी के लिए स्वामी प्रणवानंद गोल्ड मेडल, फस्र्ट रैंक इन सेकेंड एमबीबीएस के लिए गुलाब राय मेमोरियल गोल्ड मेडल दिया गया। जबकि पैथालॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्मकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, एनाटॉमी, बायोकेमेस्ट्री, ऑफ्थैल्मोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी, फोरेसिंक, साइकोलॉजी, कम्यूनिटी मेडिसिन आदि में सर्वोच्च अंक, मेरिट प्राप्त करने की उपलब्धि में सर्टिफिकेट दिए गए। कुल 4 गोल्ड और 22 सर्टिफिकेट शामिल रहे।
इलाहाबाद में दे रहीं सेवाएं
डॉ. अनुभा इस समय इलाहाबाद के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग में कार्यरत हैं। वह एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हैं। इतने पदक पाने की खुशी केवल रीवा तक ही नहीं सीमित है बल्कि इलाहाबाद के चिकित्सा जगत में भी इसकी चर्चा हो रही है।
डीन बोले, हमें नाज है
अवार्ड सेरेमनी के दौरान मेडिकल ऑडिटोरियम में बैठे मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीसी द्विवेदी ने कहा कि हमे डॉ. अनुभा पर नाज है। एक साथ 4 गोल्ड और 22 सर्टिफिकेट पाना किसी भी मेधावी के लिए गर्व करने जैसी बात है। लेकिन इसके पीछे उनकी मेहनत और लगन है। हर मेडिकल छात्र को इस मेधावी से प्रेरणा लेनी चाहिए।
Published on:
18 Dec 2017, 9:12 PM IST
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