
cow opration rewa
रीवा. अगर पशुओं के पैर की हड्डी टूट जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। मनुष्य की तरह पशुओं की हड्डी सर्जरी के जरिए जोड़ी जा सकती है। वेटरनरी कॉलेज के पशु चिकित्सकों ने ऐसी ही सर्जरी कर गाय को नया जीवन देने का काम किया है। बासा निवासी पशुपालक विनय द्विवेदी की गाय के गिरने से पिछले पैर की हड्डी टूट गई थी। घरेलू उपचार से जब उम्मीदें खत्म हो गईं तो वह वेटरनरी कॉलेज पहुंचे। सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धर्मेन्द्र कुमार और डॉ. अनुराधा नेमा से मिले। पशुपालक गाय का पैर कटवाना चाहता था। डॉक्टरों ने गाय को वेटरनरी कॉलेज के हास्पिटल में मंगाया। उसके पैर का एक्स-रे किया। दांए पैर की हड्डी टूट कर अलग हो गई थी। मांस में सडऩ पैदा हो चुकी थी। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि पैर काटने के बाद कृत्रिम पैर लगाने में खर्चा अधिक था। पशु पालक से सर्जरी के लिए सहमति ली गई। जिसके बाद करीब सात घंटे की सर्जरी कर टी प्लेट लगाकर हड्डी को फिट कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अब गाय पैर पर न केवल खड़ी हो रही है बल्कि वह बिना किसी सहारे के चल भी रही है। गाय के पैर को बाहर से यू स्प्लिंट का सपोर्ट दिया गया है ताकि हड्डी पूरी तरह जुडऩे तक कोई परेशानी न हो। डॉक्टरों का कहना है कि दो महीने में गाय दौडऩे लगेगी।
400 किलो वजन का पहला केस
वेटरनरी कॉलेज केडीन डॉ. एसपी शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में अभी तक जबलपुर वेटरनरी कॉलेज में 200 किलो वजन के पशुओं की इस तरह की सर्जरी की गई है लेकिन 400 किलो वजन का यह पहला केस है। जो रीवा वेटरनरी कॉलेज के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा, चिकित्सा के अभाव में पशु की मृत्यु पशु पालक के लिए बड़ी क्षति होती है। वेटरनरी कॉलेज मेें शल्य चिकित्सा सेवाओं से यह क्षति रोकी जा रही है।
Published on:
21 Dec 2017 07:26 pm

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