रीवा

बिजली कंपनी के अफसरों नहीं सुनी, सीएम हेल्प लाइन से भी टूटी उम्मीद

रीवा।बिजली बिलों में गड़बड़ी की शिकायत सुधारने लोग विद्युत कंपनी के ऑफिस- ऑफिस चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद कोई सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में उपभोक्ता सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज करा रहा है। लेकिन सीएम हेल्प लाइन से भी उनकी उम्मीद टूट रही है। वजह है कि यहां 20 फीसदी आवेदनों में सुनवाई ही नहीं हुई। वहीं इतने ही आवेदन 100 दिन से अधिक समय से लंबित है।

2 min read
Nov 13, 2019
Electricity

रीवा। बिजली बिलों में गड़बड़ी की शिकायत सुधारने लोग विद्युत कंपनी के ऑफिस- ऑफिस चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद कोई सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में उपभोक्ता सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज करा रहा है। लेकिन सीएम हेल्प लाइन से भी उनकी उम्मीद टूट रही है। वजह है कि यहां 20 फीसदी आवेदनों में सुनवाई ही नहीं हुई। वहीं इतने ही आवेदन 100 दिन से अधिक समय से लंबित है। महज 60 फीसदी मामलों में ही उपभोक्ता की सहमति पर बंद हुए है। इसमें भी अधिकारियों ने उपभोक्ता पर दबाव बनाया है।

बिजली बिल व समस्या को लेकर पिछले सात दिनों के अंदर 12 सौ शिकायतें सीएम हेल्प लाइन में दर्ज हुई है। वह भी तब जब विद्युत कंपनी उपभोक्ताओं की समस्या के निदान में 1912 हेल्प लाइन नम्बर चला रही है। वर्तमान में 2354 शिकायतें विद्युत कंपनी में लंबित है। इसमें जहां 1363 शिकायत एल वन, 562 शिकायत एल टू, 541 शिकायतें एल-थ्री और 9 शिकायतें एल 4 स्तर में लंबित है। इनमें पचास फीसदी से अधिक शिकायतें जहां बिल को लेकर है वहीं शेष शिकायतें बिजली एवं ट्रांसफर्मर को लेकर लंबित है। इन शिकायतों को दूर करने पर विभागीय अधिकारियों को पसीना आ रहा है। ऐसे में अधिकारी अब उपभोक्ता पर शिकायत बंद करने का दबाव बना रहे है।

एकल खिड़की व टोल फ्री फेल-
बिजली विभाग की शिकायतों को लेकर एकल खिड़की बनाई गई है, इसके साथ टोल फ्री नम्बर भी जारी किया है। लेकिन यहां उपभोक्ता को नो रिस्पांस मिल रहा है। यही कारण है कि शिकायतों के निराकरण नहीं होने पर वह सीएम हेल्प लाइन में शिकायत कर रहे है। जबकि एकल खिड़की में अधिकतम सात दिन के अंदर शिकायतें निराकृत होनी है।

रीडिंग व बिल के लिए भी चक्कर
शहर में फोटोयुक्त रीडिंग होने के बावजूद मीटर रीडिंग की शिकायत नहीं थम रही है। स्थिति यह है प्रतिमाह तीन हजार से अधिक शिकायतें मीटर रीडिंग में गड़बड़ी और बिल नहीं मिलने की हो रही है। जबकि यह दोनों व्यवस्था को विद्युत कंपनी ने आऊट सोर्स में निजी हाथों में दिया है।

Published on:
13 Nov 2019 12:44 pm
Also Read
View All

अगली खबर