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एसडीओपी अपने वाहनों में बनाएंगे मिनी कंट्रोल रूम, 100 मोबाइल पार्टियां देंगी पहरा

कलेक्ट्रेट में एसपी ने थाना प्रभारियों की बैठक लेकर दूसरे चरण के चुनाव में सुरक्षा इंतजामों पर की चर्चा
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रीवा

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Balmukund Dwivedi

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Updated: 27 Jun 2022, 7:53 PM IST

Discussion on security arrangements in the second phase of elections

Discussion on security arrangements in the second phase of elections

रीवा. पहले चरण के चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के बाद रविवार को पुलिस विभाग ने दूसरे चरण के चुनाव की तैयारियों पर मंथन किया। कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने जिले भर के थाना प्रभारी व एसडीओपी की बैठक है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह सोनकर, एएसपी मऊगंज विवेक कुमार लाल मौजूद रहे। बैठक में एसपी ने सभी थाना प्रभारियों व एसडीओपी से संवेदनशील मतदान केंद्रों और वहां सुरक्षा इंतजामों को लेकर चर्चा की। पहले चरण के चुनाव में मिनी कंट्रोल रूम की व्यवस्था कारगर होने के बाद अब दूसरे चरण में सभी एसडीओपी अपने वाहन में मिनी कंट्रोल रूम बनाएंगे और हर जगह से आने वाली सूचनाओं में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। हर ब्लॉक में एक एसडीओपी को प्रभारी बनाया जाएगा और उनके अंदर में सभी मोबाइल पार्टी का काम करेंगी। भीड़भाड़ वाले स्थानों में पुलिस विशेष चौकसी बरती जाएगी। एसपी ने कहा कि सुरक्षा इंतजामों की हर बिंदुओ से समीक्षा करें और जहां भी परेशानी आने की संभावना हो उन स्थानों को चिन्हित कर विशेष बल लगाए। उपद्रव करने वालों पर किसी तरह का रहम स्वीकार नहीं किया जाएगा। विवाद कर शांति व्यवस्था भंग करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।

मोबाइल पार्टियां देंगी पहरा
दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में 100 मोबाइल पार्टियां लगाई जाएंगी। करीब 3 ब्लॉकों में मतदान होना है और इनमें ये मोबाइल पार्टियां लगाई जाएंगी। पूरे क्षेत्र में भ्रमण कर आचार संहिता का पालन और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही टीन थाना प्रभारी रात्रि गश्त के लिए नियुक्त होंगे जो पूरे क्षेत्र में घूमकर शिकायतों पर कार्रवाई करेंगे।

असामाजिक तत्वों के लिए बनेगी चलती फिरती जेल
दूसरे चरण के चुनाव में शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस विभाग असामाजिक तत्वों के लिए एक चलती फिरती जेल बनाने पर विचार कर रहा है। मतदान केंद्रों में जिन लोगों द्वारा विवाद किया जाएगा उन्हें इस जेल में बैठने का मौका दिया जाएगा। इन्हें मतदान होने तक उसके अंदर ही रखा जाएगा या फिर मतदान केंद्र से कहीं दूर ले जा कर छोड़ा जाएगा ताकि मतदान के दौरान किसी भी तरह की विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।